छत्तीसगढ़

पार्किंग में खड़ी गाड़ी क्षतिग्रस्त करने पर होटल फोर सीजन पर 17 हजार का जुर्माना

कोरबा। डिनर पर आए अतिथि को वादे के अनुरूप सुविधा न देने और सेवा में कमी साबित होने पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, कोरबा ने होटल फोर सीजन द रेस्टोरेंट पर 17 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। आयोग ने होटल संचालक को क्षतिपूर्ति राशि के साथ वाद व्यय अदा करने के आदेश दिए हैं।

नरसिंग गंगा कॉलोनी, न्यू पोड़ीबहार, कोरबा निवासी एवं अधिवक्ता हेमंत गौतम ने सुनालिया बायपास रोड, टीपी नगर में संचालित होटल फोर सीजन रेस्टोरेंट के विरुद्ध जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में परिवाद प्रस्तुत किया था। उन्होंने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा 35 के तहत होटल संचालक हिमांशू सिन्हा पर सेवा में कमी का आरोप लगाते हुए क्षतिपूर्ति की मांग की थी।

परिवादी हेमंत गौतम 5 अगस्त 2023 को अपने परिवार के साथ होटल फोर सीजन में रात्रि भोजन के लिए पहुंचे थे। रेस्टोरेंट में मौजूद सुरक्षा गार्ड के निर्देश पर उन्होंने अपना वाहन महिन्द्रा बुलेरो नियो (क्रमांक सीजी-12 बीएफ 4193) रेस्टोरेंट के बगल स्थित महिन्द्रा सर्विस सेंटर के रिक्त प्लॉट में पार्क किया। गार्ड ने यह कहते हुए वाहन सुरक्षित रहने का आश्वासन दिया कि वहां खड़ी अन्य गाड़ियां भी रेस्टोरेंट में आए ग्राहकों की हैं।

डिनर के बाद जब परिवादी पार्किंग स्थल पर पहुंचे तो पाया कि वाहन की ड्राइवर साइड हेडलाइट सहित पैनल पूरी तरह क्षतिग्रस्त था। इसकी शिकायत करने पर होटल संचालक ने मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरे का हवाला देते हुए माफी मांगी और मरम्मत खर्च वहन करने का आश्वासन दिया।

हालांकि, बाद में जब परिवादी ने मोबाइल के माध्यम से संपर्क किया तो होटल संचालक ने सहयोग करने से इंकार कर दिया और यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि उस दिशा में कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं है। अंततः परिवादी को अपने खर्च पर वाहन की मरम्मत करानी पड़ी।

सेवा में कमी से आहत होकर हेमंत गौतम ने आयोग की शरण ली। मामले की संपूर्ण विवेचना के बाद जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग की अध्यक्ष रंजना दत्ता एवं सदस्य पंकज कुमार देवड़ा ने होटल फोर सीजन के संचालक को 30 दिनों के भीतर 10,000 रुपये क्षतिपूर्ति एवं 7,000 रुपये वाद व्यय के रूप में भुगतान करने का आदेश दिया। निर्धारित समय सीमा में भुगतान नहीं करने पर आदेश दिनांक से भुगतान की तिथि तक 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने के निर्देश भी दिए गए हैं।

होटलों की वैध पार्किंग सेवा मेहमानों के लिए विशेष सुविधा : आयोग

आयोग ने निर्णय में राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के एक महत्वपूर्ण फैसले का हवाला देते हुए कहा कि होटलों द्वारा प्रदान की जाने वाली वैध पार्किंग सुविधा उनके मेहमानों के लिए एक विशेष विशेषाधिकार है और उसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही सेवा में कमी की श्रेणी में आती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button