छत्तीसगढ़

बैगा ट्राइबल आवास घोटाला: ठेकेदार गिरफ्तार, तकनीकी सहायक फरार

 

 

कबीरधाम  । कबीरधाम पुलिस ने ट्रायबल एवं बैगा आवास योजना में हुई बड़ी धोखाधड़ी का खुलासा किया है। इस मामले में एक आरोपी ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि पंचायत का तकनीकी सहायक फरार है।

पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह (भापुसे) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र कुमार बघेल एवं अमित पटेल के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी बोड़ला अखिलेश कौशिक के पर्यवेक्षण में थाना तरेगांव जंगल पुलिस ने यह कार्रवाई की।

मामले का खुलासा तब हुआ जब ग्राम पंचायत कुकरापानी के सचिव सिद्धराम मसराम ने 5 फरवरी 2026 को थाना तरेगांव जंगल में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि ट्रायबल एवं बैगा आवास योजना के तहत 21 लाख 50 हजार रुपये की राशि 30 अक्टूबर 2024 को ग्राम पंचायत के खाते में जमा हुई थी। यह राशि 17 बैगा परिवारों के आवास निर्माण के लिए थी।

 

शिकायत के अनुसार, जनपद पंचायत बोड़ला के माध्यम से तकनीकी सहायक पवन चंद्रवंशी और ठेकेदार छोटूराम चंद्रवंशी को भुगतान किया गया। तत्कालीन सरपंच, सरपंच पति और सचिव के साथ बैंक जाकर पूरी राशि निकालकर आवास निर्माण के लिए सौंप दी गई। बावजूद इसके, आज तक किसी भी बैगा परिवार का आवास निर्माण शुरू नहीं किया गया।

पुलिस जांच में सामने आया कि तकनीकी सहायक पवन चंद्रवंशी और ठेकेदार छोटूराम चंद्रवंशी ने मिलीभगत कर योजना की पूरी राशि हड़प ली, जिससे 17 बैगा परिवारों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ। इस पर थाना तरेगांव जंगल में अपराध क्रमांक 03/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 318(4), 316(5), 3(5) तथा अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3(2)(व) में मामला दर्ज किया गया।

ठेकेदार छोटूराम चंद्रवंशी (47 वर्ष), निवासी लखनपुर खुर्द, थाना बोड़ला को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपराध स्वीकार किया। आरोपी ने बताया कि आवास निर्माण के लिए प्राप्त राशि से खरीदी गई निर्माण सामग्री को अन्य ठेकेदारी कार्यों में उपयोग कर लिया गया। पुलिस ने सामग्री की रसीदें और उपयोग किया गया मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है।

आरोपी को 7 फरवरी 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया में भेज दिया गया है। वहीं पंचायत तकनीकी सहायक पवन चंद्रवंशी घटना के बाद से फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

इस पूरी कार्रवाई को थाना प्रभारी निरीक्षक आशीष कंसारी के नेतृत्व में अंजाम दिया गया, जिसमें पुलिस टीम के कई अधिकारियों और कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा। कबीरधाम पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

 

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