कोरबा में बड़ी चोरी! SECL के रिटायर्ड चीफ माइनिंग मैनेजर के घर से 10 लाख रुपये से ज्यादा के जेवर और नकदी पार

कोरबा : छत्तीसगढ़ के कोरबा में चोरों ने एक बार फिर सूने मकान को निशाना बनाया है। इस बार अज्ञात आरोपियों ने एसईसीएल के रिटायर्ड चीफ माइनिंग मैनेजर के घर में घुसकर सोने-चांदी के जेवरात और नकदी चोरी कर ली। चोरी गए सामान की कीमत 10 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलने पर पुलिस, साइबर सेल और डॉग स्क्वॉड की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है।
एसईसीएल जीएम कॉलोनी के सूने मकान में वारदात
चोरी की यह घटना मानिकपुर पुलिस सहायता केंद्र क्षेत्र की एसईसीएल जीएम कॉलोनी में हुई। यहां के.आर. बिंद पहले मानिकपुर खदान में चीफ माइनिंग मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। सेवानिवृत्ति के बाद वह बिलासपुर चले गए थे, लेकिन उन्होंने मकान हैंडओवर नहीं किया था। घर की अलमारी में नकदी और जेवरात रखे हुए थे। इसी दौरान चोरों ने मकान को निशाना बनाया।
मुख्य दरवाजा तोड़कर घर में घुसे चोर
जानकारी के मुताबिक, मकान की देखभाल करने वाली नौकरानी बीती रात पड़ोसी के घर सोने चली गई थी। इसी दौरान अज्ञात आरोपियों ने घर का मुख्य दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। इसके बाद अलमारी का ताला तोड़कर उसमें रखे सोने-चांदी के जेवरात और नकदी निकाल ली। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
पुलिस, साइबर सेल और डॉग स्क्वॉड ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही मानिकपुर पुलिस, साइबर सेल और डॉग स्क्वॉड की टीम घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने मकान का निरीक्षण किया और आरोपियों तक पहुंचने के लिए सुराग जुटाने शुरू किए। नौकरानी की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस आसपास के संभावित साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।
10 लाख रुपये से अधिक की चोरी, आरोपियों की तलाश
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चोरी गए जेवरात और नकदी की कुल कीमत 10 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। हालांकि, चोरी हुए सामान का सटीक विवरण और कुल नुकसान जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल पुलिस आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश में जुटी है।
सूने मकानों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर सूने मकानों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। घर लंबे समय तक खाली रहने पर दरवाजों और ताले की सुरक्षा, पड़ोसियों को जानकारी देना तथा निगरानी की व्यवस्था करना जरूरी हो जाता है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही चोरी की वारदात से जुड़े सभी तथ्यों का खुलासा हो सकेगा।



