रायगढ़ में ऑपरेशन अंकुश के तहत जंगल में जुआ खेलते 8 जुआरी गिरफ्तार, 11,400 रुपये नकद जब्त

रायगढ़। जिले में जुआ-सट्टा के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन अंकुश के तहत रायगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। लैलूंगा थाना और चौकी रैरुमाखुर्द की संयुक्त पुलिस टीम ने ग्राम भालूपखना के जंगल में नहर किनारे जुआ खेल रहे 8 आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया। पुलिस ने जुआ फड़ से 11,400 रुपये नगद, 52 पत्ती ताश, 3 मोटरसाइकिल, 3 मोबाइल फोन और एक लाल रंग की छींटदार दरी जब्त की है।
यह कार्रवाई एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में, एडिशनल एसपी अनिल सोनी और एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि भालूपखना जंगल में नहर किनारे कुछ लोग ताश की 52 पत्तियों से जुआ खेल रहे हैं। सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी रैरुमाखुर्द उप निरीक्षक इगेश्वर यादव के नेतृत्व में लैलूंगा और रैरुमाखुर्द पुलिस की संयुक्त टीम मौके के लिए रवाना हुई।
पुलिस टीम ने जंगल में घेराबंदी कर जुआ खेल रहे सभी 8 आरोपियों को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान देवराज अग्रवाल (50) निवासी पत्थलगांव, नितई राम केंवट (72) निवासी राजपुर, रामजीवन राठिया (40) निवासी रैरुमाखुर्द, कुंवर सिंह अगरिया (70) निवासी सिसरिंगा, सुखीराम चकधारी (52) निवासी रैरुमाखुर्द सुकबासुपारा, भोजकुमार यादव निवासी चरखापारा, झनकराम कंवर (52) निवासी राजपुर वार्ड क्रमांक 8 लैलूंगा और तुलाराम साहू (51) निवासी चरखापारा चौकी रैरुमाखुर्द के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और जुआ फड़ से 11,400 रुपये नगद, 52 पत्ती ताश, तीन मोटरसाइकिल, तीन मोबाइल फोन और एक लाल रंग की छींटदार दरी गवाहों की मौजूदगी में जब्त की। सभी आरोपियों को चौकी रैरुमाखुर्द लाया गया, जहां उनके खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 3(2) के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि जुआ-सट्टा जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। सार्वजनिक स्थानों और जंगल क्षेत्रों में जुआ खेलने वालों के साथ-साथ जुआ खिलाने तथा उन्हें संरक्षण देने वालों के खिलाफ भी नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी रैरुमाखुर्द उप निरीक्षक इगेश्वर यादव, प्रशिक्षु उप निरीक्षक प्रीतम बघेल, प्रधान आरक्षक सोमेश गोस्वामी, राम रतन भगत, भेनासियुस खेस्स, आरक्षक भेखलाल सिदार, आशीष तिग्गा, प्रमोद भगत, अमल तिग्गा और संत पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



