छत्तीसगढ़

200 रु. शिक्षा दान माँगने से DEO का इंकार, भ्रामक सूचना पर संकुल समन्वयक को नोटिस जारी

कोरबा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में 17 सितम्बर से सेवा संकल्प अभियान की कड़ी में प्रारंभ किए गए शिक्षा दान के तहत सभी शिक्षकों से 200 रुपये जमा कराने का मामला तूल पकड़ चुका है। सभी शिक्षकों को प्रधान पाठक के पास 200 रुपए जमा कराने संबंधी जिला शिक्षा अधिकारी के हवाले से संकुल प्रभारी नुनेरा, विकासखण्ड पाली के द्वारा सोशल मीडिया पर दिए गए निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी टीपी उपाध्याय ने इनकार किया है। उन्होंने जिला जनसम्पर्क के माध्यम से जारी प्रेस विज्ञप्ति में स्पष्ट किया है कि शिक्षा दान में 200 रुपये नगद देने के सम्बंध में ऐसा कोई भी आदेश जारी नहीं किया गया है।
डीईओ ने तो अपनी बात रख दी है लेकिन अब सवाल तो यह है कि जब उनके द्वारा इस तरह का कोई मौखिक आदेश नगद राशि प्रधान पाठक के पास जमा करने के संबंध में नहीं दिया गया है तो भला संकुल प्रभारी को ऐसी क्या आवश्यकता पड़ गई थी कि उनके द्वारा इस तरह का आदेश संकुल नुनेरा के शिक्षकों के ग्रुप में डालना पड़ा? हालांकि, संकुल समन्वयक को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। वैसे, जानकार लोगों में चर्चा है कि नगदी के लिए लिखित नहीं, मौखिक आदेश पर ही काम होता है, चूंकि यह मामला उजागर हो गया इसलिए बात बिगड़ गई। अब हकीकत तो डीईओ औऱ संकुल प्रभारी ही जानें।


जिला प्रशासन ने जारी की है विज्ञप्ति 

सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत “सेवा मेरा योगदान” कार्यक्रम के तहत 24 सितंबर को जिले के सभी विकासखण्डों में शिक्षा दान रथ निकाला गया। शिक्षा दान रथ के माध्यम से समाज के आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों की सहायता के लिए नागरिकों एवं इच्छुक दानदाताओं से स्वेच्छा से शैक्षणिक सामग्री दान करने की अपील की गई थी।
इस अभियान के अंतर्गत नागरिकों से कॉपी, पुस्तकें, पाठ्यपुस्तकें, नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा संबंधी उपयोगी पुस्तकें एवं गाइड के साथ ही नीट, जेईई, पीएससी एवं यूपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से संबंधित पूर्व वर्षों की उपयोगी पुस्तकें एवं अध्ययन सामग्री स्वेच्छा से दान करने का आग्रह किया गया था। अभियान को समाज के विभिन्न वर्गों से अच्छा सहयोग प्राप्त हुआ है।
इसी बीच पाली विकासखण्ड अंतर्गत अशोक कुमार भारद्वाज, संकुल शैक्षिक समन्वयक द्वारा संकुल के व्हाट्सएप ग्रुप में शिक्षा दान रथ के लिए सभी शिक्षकों से 200 रुपये सहयोग राशि दिए जाने संबंधी सूचना प्रसारित किए जाने का मामला संज्ञान में आया है।
जिला शिक्षा अधिकारी, कोरबा ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा दान रथ अथवा “सेवा मेरा योगदान” कार्यक्रम के लिए शिक्षकों से 200 रुपये अथवा किसी भी प्रकार की अनिवार्य सहयोग राशि लिए जाने संबंधी कोई आदेश जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी नहीं किया गया है। इस प्रकार प्रसारित सूचना का जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा खंडन किया गया है। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए अशोक कुमार भारद्वाज को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। प्रकरण में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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