मानिकपुर बस्ती में खुलेआम पशु वध और नाले में बहाया जा रहा अपशिष्ट, जनस्वास्थ्य पर मंडराया खतरा

कोरबा। नगर निगम क्षेत्र के मानिकपुर बस्ती में संचालित एक मटन दुकान को लेकर गंभीर शिकायत सामने आई है। स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया है कि दुकान के सामने खुले में बकरों का वध किया जा रहा है तथा पशुओं का रक्त और अन्य जैविक अपशिष्ट सीधे सार्वजनिक नाले में बहाया जा रहा है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यह न केवल स्वच्छता नियमों का उल्लंघन है, बल्कि क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए भी गंभीर खतरा बन गया है।
कल्लू मटन दुकान
प्राप्त जानकारी के अनुसार मानिकपुर बस्ती में संचालित “कल्लू मटन दुकान” के सामने खुलेआम पशु वध किए जाने और उसके अवशेष नाले में फेंके जाने की शिकायत जिला प्रशासन एवं नगर निगम तक पहुंचाई गई है।
आरोप है कि दुकान से निकलने वाला रक्त, मांस के टुकड़े और अन्य अपशिष्ट वर्षा जल निकासी नाले के माध्यम से आगे बह रहे हैं, जिससे आसपास के क्षेत्र में दुर्गंध और प्रदूषण की समस्या बढ़ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित नाला आगे बड़े जल प्रवाह तंत्र से जुड़ता है, जिससे जल स्रोतों के दूषित होने की आशंका बनी हुई है। क्षेत्रवासियों के अनुसार गर्मी और बरसात के मौसम में इस प्रकार का अपशिष्ट संक्रामक बीमारियों को बढ़ावा दे सकता है तथा मच्छरों और अन्य रोगवाहक जीवों के पनपने का कारण बन सकता है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि नगर निगम द्वारा पूर्व में मांस विक्रेताओं के लिए निर्धारित स्थान उपलब्ध कराए जाने के बावजूद खुले में पशु वध और अपशिष्ट निस्तारण जैसी गतिविधियां जारी हैं।
यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह नगर निगम के स्वच्छता नियमों तथा पर्यावरणीय मानकों का सीधा उल्लंघन माना जाएगा।
मामले का एक अन्य संवेदनशील पहलू यह भी है कि दुकान के समीप धार्मिक स्थल होने की बात कही जा रही है। स्थानीय नागरिकों ने इस संबंध में अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
नागरिकों ने जिला प्रशासन, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग एवं प्रदूषण नियंत्रण विभाग से संयुक्त जांच कराकर नाले के पानी की गुणवत्ता की जांच, संबंधित दुकान के लाइसेंस की समीक्षा तथा नियम विरुद्ध गतिविधियां पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से आधिकारिक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है।
क्षेत्रवासियों की नजर अब जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है।
स्थानीय नागरिकों की प्रमुख मांगें
स्थल का तत्काल निरीक्षण कराया जाए।
नाले एवं आसपास के जल स्रोतों के नमूनों की जांच हो। मटन दुकान के लाइसेंस एवं वैधानिक अनुमतियों की जांच की जाए। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई हो। खुले में पशु वध एवं अपशिष्ट निस्तारण पर तत्काल रोक लगाई जाए।



