कैंसर का इलाज करने तांत्रिक कूदा, मरीज की पत्नी से 13 लाख की ठगी

बालोद । जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। जहां गंभीर बीमारी की लाचारी और अपनों को बचाने की उम्मीद का फायदा उठाकर शातिर ठगों ने आस्था के नाम पर बड़ा फरेब खेला। गुंडरदेही ब्लॉक के रनचिरई थाना क्षेत्र के ग्राम सिर्री की रहने वाली प्रेमलता चंद्राकर के साथ जो हुआ, वह किसी फिल्मी साजिश से कम नहीं है। प्रेमलता के पति चौथे स्टेज के कैंसर जैसी भयानक बीमारी से जूझ रहे थे। पूरा परिवार मानसिक और आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा था।
ऐसे में एक दिन प्रेमलता ने एक टीवी चैनल पर ‘लक्ष्मी नारायण ज्योतिष संस्था’ का एक विज्ञापन देखा। विज्ञापन में पंडित वेद प्रकाश तिवारी दावा कर रहा था कि विशेष पूजा-पाठ और अनुष्ठान से गंभीर से गंभीर बीमारियों का अंत किया जा सकता है। डूबते को तिनके का सहारा चाहिए होता है; इसी उम्मीद में महिला ने उस नंबर पर संपर्क किया।इसके बाद शुरू हुआ ठगी और ब्लैकमेलिंग का सिलसिला। संस्था से जुड़े राहुल तिवारी, सृजन तिवारी और उनके साथियों ने फोन पर लगातार यह विश्वास दिलाया कि पूजा से सब ठीक हो जाएगा। शुरुआत में छोटी राशि से खेल शुरू हुआ, लेकिन धीरे-धीरे आरोपियों ने कैंसर के इलाज के नाम पर कुल 13 लाख 13 हजार 673 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए। पति की जिंदगी बचाने के लिए लाचार महिला ने अपना सोना तक गिरवी रख दिया, रिश्तेदारों से कर्ज लिया और अपनी बेटी तक के पैसे इसमें झोंक दिए।पैसे ऐंठने के बाद भी शातिर ठगों का मन नहीं भरा।
इसके बाद एक दूसरा किरदार सामने आया जिसने खुद को असली ‘वेद प्रकाश तिवारी’ बताते हुए वीडियो कॉल किया और कहा कि राहुल और सृजन ने उसके नाम का गलत इस्तेमाल कर ठगी की है। उसने दो महीने में पैसे लौटाने का झूठा भरोसा देकर सहानुभूति बटोरी। लेकिन यह एक सोची-समझी साजिश का अगला हिस्सा था। इसके बाद असली-नकली के इस खेल में आरोपियों ने महिला को फोन कर डराना शुरू कर दिया कि राहुल के पिता ने आत्महत्या कर ली है और सुसाइड नोट में प्रेमलता तथा उसका नाम लिख दिया है।टीवी और वीडियो आरोपियों ने उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा गिरफ्तारी का खौफ दिखाकर महिला से उसके दस्तावेज और फोटो भी मंगवा लिए। अंततः तंग आकर और हिम्मत जुटाकर पीड़िता ने थाने का दरवाजा खटखटाया है। पुलिस ने आवेदन लेकर डिजिटल साक्ष्यों और बैंक ट्रांजैक्शन के आधार पर जांच शुरू कर दी है।



