शराब घोटाला मामला: चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से जमानत, 168 दिन बाद आएंगे जेल से बाहर

रायपुर। बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) से जुड़े मामलों में सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने चैतन्य बघेल की जमानत याचिका मंजूर कर ली है। इसके साथ ही करीब 168 दिनों बाद उनकी जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो गया है।
उल्लेखनीय है कि ईडी ने 18 जुलाई को चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन के दिन भिलाई स्थित उनके निवास से गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई थी। मामला छत्तीसगढ़ में सामने आए कथित शराब घोटाले से जुड़ा हुआ है।
ईडी की जांच एसीबी/ईओडब्ल्यू रायपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। एफआईआर में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के प्रावधान शामिल हैं। जांच एजेंसियों का आरोप है कि इस घोटाले के कारण राज्य सरकार को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शराब घोटाले के माध्यम से करीब 2,500 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की गई, जिसे घोटाले से जुड़े विभिन्न लोगों तक पहुंचाया गया। हालांकि, इस मामले में अंतिम निर्णय अदालत में विस्तृत सुनवाई के बाद ही होगा।



