छत्तीसगढ़

पुराने विवाद ने लिया हिंसक रूप: पुलिस पर पथराव, आगजनी के बाद तीन गिरफ्तार

गरियाबंद ।    छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में मंदिर तोड़े जाने से जुड़े पुराने विवाद ने रविवार को उग्र रूप ले लिया। फिंगेश्वर थाना क्षेत्र के ग्राम बकली में दो समुदायों के बीच शुरू हुआ तनाव देखते ही देखते हिंसक संघर्ष में बदल गया। इस दौरान आक्रोशित भीड़ ने पुलिस कर्मियों पर पथराव किया, जिसमें कई जवान घायल हो गए। हालात इतने बिगड़ गए कि उपद्रवियों ने वाहनों और एक घर को आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए गांव में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है, वहीं किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड की टीम को भी मौके पर रखा गया है। पथराव के दौरान एक पुलिस जवान बेहोश हो गया, जिसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पुराने विवाद से भड़की हिंसा

जानकारी के अनुसार, चार महीने पहले हथखोज गांव की एक घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें कुछ लोग राहगीरों से मारपीट और लूटपाट करते नजर आए थे। वीडियो सामने आने के बाद फिंगेश्वर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हाल ही में जमानत पर रिहा होकर लौटे आरोपियों ने रविवार सुबह करीब 11 बजे बकली गांव में शिकायतकर्ता से मारपीट शुरू कर दी, जिससे तनाव और बढ़ गया।

मारपीट की यह घटना जल्द ही दो समुदायों के बीच संघर्ष में तब्दील हो गई। गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपियों के घरों में आग लगा दी और रास्ते में खड़े वाहनों को भी जला दिया।

मंदिर तोड़ने का मामला भी जुड़ा
ग्रामीण जितेंद्र का आरोप है कि हमलावरों ने ही करीब डेढ़ साल पहले गांव के शिव मंदिर को तोड़ा था, जिसका मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। उनका कहना है कि इसी विवाद को लेकर हाल के दिनों में गांव में लगातार तनाव बना हुआ है और अब जमानत पर छूटे आरोपियों द्वारा फिर से हिंसा फैलाई जा रही है।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है। पूरे मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

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