छत्तीसगढ़

लिव-इन पार्टनर ने मंगलसूत्र से गला घोंटकर महिला की हत्या : आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़  । कोतरारोड़ थाना क्षेत्र में एक महिला की संदिग्ध मौत का मामला पुलिस जांच में हत्या साबित हुआ है। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए मृतका के लिव-इन पार्टनर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

 

 

मामले की शुरुआत 1 अप्रैल 2026 को जिंदल अस्पताल पतरापाली से मिली सूचना से हुई, जिसमें धनेश्वरी विश्वकर्मा (32 वर्ष), निवासी पोड़ीभाठा अकलतरा, जिला जांजगीर-चांपा की आकस्मिक मृत्यु की जानकारी दी गई थी। सूचना पर कोतरारोड़ पुलिस ने मर्ग कायम कर पंचनामा और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने मृत्यु का कारण गले पर दबाव से दम घुटना बताया और इसे ‘होमीसाइडल’ घोषित किया, जिससे मामला हत्या का बन गया।

 

जांच के दौरान पुलिस ने मृतका के परिजनों से पूछताछ की। पता चला कि धनेश्वरी का विवाह मनोज विश्वकर्मा से हुआ था और उनके तीन बच्चे हैं। करीब चार साल पहले पति से विवाद के बाद वह मायके में रहने लगी थी। इसी दौरान उसका परिचय विकेश चौहान से हुआ और दोनों पिछले चार वर्षों से किरोडीमल नगर में पति-पत्नी की तरह साथ रह रहे थे।

 

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि धनेश्वरी बीमार रहती थी और उसका इलाज विकेश ही करवा रहा था। दोनों के बीच विवाह को लेकर विवाद था, क्योंकि मृतका का अपने पति से तलाक नहीं हुआ था। घटना वाले दिन भी दोनों के बीच इसी बात को लेकर झगड़ा हुआ।

 

प्रशिक्षु डीएसपी एवं थाना प्रभारी अजय नागवंशी ने संदेह के आधार पर विकेश से कड़ी पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि विवाद के दौरान उसने धनेश्वरी के मंगलसूत्र से उसका गला घोंट दिया।

 

आरोपी के अनुसार, झगड़े के दौरान उसने पहले थप्पड़ मारा और जब धनेश्वरी घर छोड़कर जाने लगी तो पीछे से मंगलसूत्र पकड़कर खींचा, जिससे वह गिरकर बेहोश हो गई और उसकी मौत हो गई। बाद में आरोपी उसे अस्पताल लेकर गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। आरोपी ने घटना को छिपाने का भी प्रयास किया था।

 

मर्ग जांच के आधार पर कोतरारोड़ थाना में अपराध क्रमांक 100/2026 के तहत धारा 103(1) और 238 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर 7 अप्रैल 2026 को आरोपी विकेश कुमार बरेठ (26 वर्ष), निवासी भंवरमाल, थाना बम्हनीनडीह, जिला जांजगीर-चांपा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

 

इस कार्रवाई को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी एवं डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया। जांच टीम में प्रशिक्षु डीएसपी अजय नागवंशी, एसएसआई मनमोहन बैरागी सहित अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

 

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि आपसी विवाद को हिंसा में बदलना गंभीर अपराध है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी विवाद की स्थिति में कानून का सहारा लें और हिंसा से दूर रहें।

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