छत्तीसगढ़

मोबाइल चोरी के विवाद ने लिया हिंसक रूप, बहू से मारपीट करने वाली सास व दो ननद न्यायिक रिमांड पर

जांजगीर-चांपा।  जिले के बलौदा थाना क्षेत्र में घरेलू विवाद के दौरान बहू के साथ मारपीट करने के मामले में पुलिस ने सास और उसकी दो बेटियों (ननदों) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पीड़िता की शिकायत पर बलौदा पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की और पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया

पुलिस के अनुसार, ग्राम जावलपुर निवासी इंद्रानी अनंत ने थाना बलौदा में शिकायत दर्ज कराई कि 21 जून 2026 की सुबह करीब 9:30 बजे वह अपने घर के आंगन में मौजूद थी। इसी दौरान उसकी सास सुमित्रा बाई अनंत ने मोबाइल चोरी की बात को लेकर उससे गाली-गलौज शुरू कर दी। जब उसने इसका विरोध किया तो सास के साथ उसकी छोटी ननद अनिता बाई दिवाकर और बड़ी ननद सुनीता हरवंश भी वहां पहुंच गईं।

शिकायत के अनुसार, तीनों ने मिलकर उसे जान से मारने की धमकी दी और बाल पकड़कर हाथ-मुक्कों से मारपीट की, जिससे उसे चोटें आईं। घटना के बाद पीड़िता ने थाना बलौदा पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 282/2026 दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296, 351(2), 115(2), 118(2) एवं 3(5) के तहत प्रकरण कायम कर विवेचना शुरू की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए बलौदा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की, जिसके बाद उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में अनिता बाई दिवाकर (30 वर्ष), सुनीता हरवंश (32 वर्ष) और सुमित्रा बाई अनंत (60 वर्ष) शामिल हैं। तीनों ग्राम जावलपुर, थाना बलौदा, जिला जांजगीर-चांपा की निवासी हैं।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक मनोहर सिन्हा, सहायक उपनिरीक्षक सुनील टैगोर, महिला आरक्षक रूखमणी निर्मलकर, महिला आरक्षक चन्द्रप्रभा शांतेय तथा आरक्षक नारायण भानू की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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