छत्तीसगढ़

जेल भिजवाना है तो CSP को पैसा देना होगा,दुष्कर्म पीड़िता ने 45 हजार दिए,पर आरोपी जेल गया ही नहीं,जमानत भी हो गई

आरोपी भीम आर्मी का कोषाध्यक्ष बता कर पुलिस अधिकारियों से पहचान व ऊंची पहुंच का देता रहा झांसा

कोरबा। बलात्कार के आरोपी की गिरफ्तारी एवं जेल भेजने के नाम पर पीड़िता से 45 हजार रुपये की ठगी कर ली गई।
यह राशि ठगीपूर्वक प्राप्त करने वाले ने भीम आर्मी के कोषाध्यक्ष के रूप में स्वयं को परिचित कराकर प्रभाव एवं पहुंच का झूठा दावा किया। आरोपी मनीष बर्मन निवासी कोरबा के विरुद्ध दर्री पुलिस ने धारा 318 (4) BNS के तहत जुर्म दर्ज कर विवेचना को आगे बढ़ाया है।


यह है मामला


थाना बाँकीमोगरा क्षेत्र की करीब 22 वर्षीय युवती के द्वारा पूर्व में निखिल रजक पिता विष्णु रजक निवासी नीलगिरी बस्ती थाना दर्री के विरुद्ध शादी का झांसा देकर दैहिक शोषण / बलात्कार किए जाने के संबंध में शिकायत महिला थाना कोरबा में की गई। शिकायत पर अपराध क्र. 0 तथा धारा 69, 64 (ड) के तहत अपराध दर्ज कर अग्रिम जांच कार्यवाही हेतु क्षेत्राधिकार वाले थाना दर्री भेज दिया गया। उक्त प्रकरण अपराध क्र. 185 / 2026 दर्ज हुआ तथा थाना दर्री के द्वारा जांच की जा रही थी। उसी दौरान मनीष बर्मन नामक व्यक्ति ने स्वयं को भीम आर्मी का कोषाध्यक्ष बताते हुए पीड़िता से फोन पर संपर्क किया। उसने विश्वास दिलाया कि वह सामाजिक कार्य करता है तथा उसकी ऊपर तक पहुंच एवं पावर है और पुलिस अधिकारियों से उसके अच्छे संबंध हैं। मैं आपको न्याय दिलाने में सहयोग करूंगा और निखिल रजक को एस टी / एस सी एक्ट के तहत गिरफ्तार करवाकर उसे जेल भी भिजवा दूंगा, आप लोग थाना दर्री में आकर मिलना। पीड़िता व परिजन उसकी बातों में आ गए। दूसरे दिन मनीष बर्मन ने थाना दर्री के सीएसपी कार्यालय के बाहर मुलाकात किया और कहा कि मेरी बात दर्री सीएसपी साहब हो गई है, सीएसपी साहब काम के लिए पैसे मांग रहे हैं तब निखिल रजक की गिरफ्तारी होगी। उसने बोला कि सीएसपी साहब 40 हजार रुपये की मांग कर रहे हैं, अरेस्ट करवाना है तो देना तो पड़ेगा नहीं तो अरेस्ट नहीं होगा। आरोपी के द्वारा यह विश्वास दिलाया गया कि उसके माध्यम से पैसा देने पर निखिल रजक के विरुद्ध कठोर कार्यवाही होगी, उसे एस. टी. / एस. सी. एक्ट के तहत गिरफ्तार करवाकर जेल भेज दिया जाएगा तथा उसकी जमानत भी नहीं होगी। उसकी बातों में आकर अपना मांगटीका एवं इयररिंग को 40 हजार रुपये में गिरवी रखकर 18.07.2026 को मनीष बर्मन से संपर्क की। उसने कुचेना मोड़ के पास बुलाया व 25 हजार रुपये नकद एवं 10,000 रुपए ऑनलाइन फोन-पे के माध्यम से प्राप्त किया। इसके पश्चात मनीष बर्मन द्वारा पुनः 10,000 रुपए की मांग करते हुए कहा गया कि “आजाक थाना वाले भी पैसा मांग रहे हैं” और उक्त राशि देने पर प्रकरण में कार्यवाही एवं गिरफ्तारी कराई जाएगी। माह जुलाई के अंतिम सप्ताह में 10,000 रुपए मनीष बर्मन को नगद दिया जिसे लेने पीड़िता के घर आया था।


गिरफ्तार हुआ न जेल गया, अग्रिम जमानत मिल गया


इधर राशि प्राप्त करने के बावजूद मनीष बर्मन द्वारा बताए अनुसार कोई कार्यवाही नहीं कराई गई। न तो निखिल रजक की गिरफ्तारी हुई और न ही उसे जेल भेजा गया। इसके विपरीत निखिल रजक को अग्रिम जमानत भी प्राप्त हो गई।ठगी का आभास होते ही अपने 45 हजार रुपये वापस करने की मांग लगातार की जा रही है किंतु मनीष बर्मन के द्वारा रकम वापस नहीं की जा रही है, फोन नहीं उठाता, कल काम करवा दूंगा-आज काम करवा दूंगा कहकर टाल मटोल कर रहा है। पैसा वापस कर दूंगा कहता है किंतु आज दिनांक तक पैसे की वापसी नहीं की गई है और वर्तमान में पीड़िता का नंबर ब्लॉक कर दिया है।

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