छत्तीसगढ़

जांजगीर-चांपा में एक साल पुराने हत्या मामले का खुलासा, शराब में कीटनाशक मिलाकर हत्या का आरोपी गिरफ्तार

जांजगीर-चांपा, 03 अक्टूबर। पुलिस चौकी नैला ने करीब एक वर्ष पुराने हत्या के मामले का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने मृतक को शराब पिलाने के बहाने अपने साथ ले जाकर शराब में कीटनाशक जहर मिलाकर पिला दिया था। उपचार के दौरान मृतक की मौत हो गई थी। मामले का खुलासा FSL रिपोर्ट में कीटनाशक जहर की पुष्टि होने के बाद वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर हुआ।

पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देशन में लंबित एवं गंभीर अपराधों की लगातार समीक्षा की जा रही है। इसी क्रम में नैला पुलिस ने मर्ग जांच और विवेचना के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों, गवाहों के कथनों तथा FSL रिपोर्ट के आधार पर हत्या के मामले को सुलझाया।

पुलिस के मुताबिक 22 मई 2025 को हाथीटिकरा निवासी 55 वर्षीय रामायण सूर्यवंशी की संदिग्ध परिस्थितियों में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। सूचना मिलने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। जांच के दौरान परिजनों, पंचों और अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए।

विवेचना में सामने आया कि सुरेन्द्र साहू उर्फ मोनू, निवासी वार्ड क्रमांक 06, बजरंग चौक हाथीटिकरा, मृतक को शराब पिलाने के बहाने अपने साथ ले गया था। 22 मई की शाम करीब 7 बजे मृतक अपनी पत्नी और पुत्री के साथ किराना दुकान में मौजूद था। इसी दौरान आरोपी वहां पहुंचा और उसे अपने तीन पहिया स्कूटर में बैठाकर पास स्थित ईंट भट्ठे के पास ले गया।

पुलिस जांच के अनुसार आरोपी पहले से हत्या की योजना बनाकर आया था। वह अपने साथ अंग्रेजी शराब लेकर गया और शराब के गिलास में कथित तौर पर कीटनाशक जहर मिलाकर मृतक को पिला दिया। कुछ समय बाद मृतक की तबीयत बिगड़ने लगी। इसकी सूचना मिलने पर उसकी पत्नी और पुत्री मौके पर पहुंचीं, जबकि आरोपी वहां से फरार हो गया।

मौके से शराब की बोतल और डिस्पोजल गिलास मिले थे। स्थानीय लोगों की मदद से गंभीर हालत में रामायण सूर्यवंशी को 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल जांजगीर ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसी रात उसकी मौत हो गई।

मर्ग जांच के दौरान शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम कराया गया। चिकित्सक द्वारा सुरक्षित किया गया विसरा रासायनिक परीक्षण के लिए FSL बिलासपुर भेजा गया था। FSL रिपोर्ट में कीटनाशक जहर की पुष्टि होने के बाद पुलिस को मामले में महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य मिला। इसके आधार पर आरोपी के खिलाफ धारा 103(1) BNS और धारा 3(2)(5) SC/ST Act के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना आगे बढ़ाई गई।

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