
राजनांदगांव– छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में विजयादशमी के अवसर पर शस्त्र पूजन के बाद पुलिस अधीक्षक (SP) अंकिता शर्मा ने AK-47 राइफल से टेस्ट फायरिंग की। पुलिस शस्त्रागार में विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शस्त्रों की पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद एसपी के राइफल चलाने का दृश्य चर्चा में आ गया। दशहरे पर शस्त्र पूजन की परंपरा के बीच यह आयोजन पुलिस बल की जिम्मेदारी, सुरक्षा और कर्तव्य के संदर्भ में खास रहा।
विजयादशमी पर निभाई गई शस्त्र पूजन की परंपरा
विजयादशमी को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर पुलिस और सुरक्षा बलों में शस्त्र पूजन की परंपरा भी निभाई जाती है। राजनांदगांव में पुलिस शस्त्रागार के आधुनिक और पारंपरिक अस्त्र-शस्त्रों की विधि-विधान से पूजा की गई। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था और कर्तव्य के प्रति समर्पण का संदेश दिया गया।
AK-47 से टेस्ट फायरिंग करती नजर आईं SP
शस्त्र पूजन संपन्न होने के बाद पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने AK-47 राइफल से टेस्ट फायरिंग की। विजयादशमी के अवसर पर पुलिस अधीक्षक का यह अंदाज चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस विभाग में शस्त्र पूजन के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत हथियारों की जांच या टेस्ट फायरिंग करना उनकी कार्यक्षमता और सुरक्षा तैयारियों से भी जुड़ा होता है।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी निभा चुकी हैं जिम्मेदारी
2018 बैच की IPS अधिकारी अंकिता शर्मा बस्तर के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी सेवाएं दे चुकी हैं। नक्सल प्रभावित इलाकों में पुलिसिंग की जिम्मेदारी निभाने का उनका अनुभव उनके पेशेवर सफर का अहम हिस्सा रहा है। राजनांदगांव में दशहरे के अवसर पर शस्त्र पूजन के बाद AK-47 से फायरिंग का दृश्य इसी वजह से भी लोगों का ध्यान खींच रहा है।
पुलिस विभाग में शस्त्र पूजन का क्या है महत्व?
शस्त्र पूजन की परंपरा में हथियारों को सुरक्षा और कर्तव्य के प्रतीक के रूप में सम्मान दिया जाता है। विजयादशमी पर पुलिस विभाग में पूजा-अर्चना के जरिए बल की जिम्मेदारियों और सुरक्षा के संकल्प को दोहराया जाता है। राजनांदगांव में भी इसी परंपरा के तहत आयोजन किया गया, जिसके बाद एसपी की टेस्ट फायरिंग चर्चा में रही।



