GeM बोली और पौधों की खेप की तारीखों पर सवाल: संभागायुक्त कार्यालय से कार्रवाई के निर्देश, निगम खोले खरीदी का रिकॉर्ड

3,290 पौधों की दो बोलियां और कथित 650 पौधों की आपूर्ति जांच की मांग के केंद्र में; “Umesh Sir” के उल्लेख तथा वाहन प्रवेश का दस्तावेजी मिलान जरूरी
कोरबा। पावर हब न्यूज नेटवर्क। नगर निगम कोरबा की पौधा खरीदी से जुड़ी शिकायत अब संभागायुक्त कार्यालय से कलेक्टर कोरबा के पास कार्रवाई के लिए भेजी गई है। मामला कुल 3,290 पौधों की दो GeM बोलियों और प्रक्रिया पूरी होने से पहले कथित तौर पर पहुंची 650 पौधों की खेप से संबंधित है।
सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न है—इस खेप का संबंधित GeM बोलियों से क्या संबंध था और उसे किस अधिकृत आदेश पर मंगाया गया?
पूर्व में नगरीय प्रशासन विभाग के निर्देशों का विषय भी समाचारों में सामने आया था। अब उपलब्ध संभागायुक्त कार्यालय का ज्ञापन शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई और आवेदक को परिणाम की जानकारी देने के निर्देश की पुष्टि करता है।
सरकारी ज्ञापन में वाहन और “Umesh Sir” का उल्लेख
ज्ञापन क्रमांक GENS/60761/शिकायत/2026 में शिकायत आवक क्रमांक 2893, दिनांक 21 सितंबर 2026 के साथ दर्ज है। इस पर उपायुक्त (विकास), बिलासपुर संभाग हरिशंकर चौहान के 28 सितंबर 2026 के डिजिटल हस्ताक्षर हैं।
ज्ञापन में दर्ज शिकायत के अनुसार, “Umesh Sir” के नाम से 650 पौधों की खेप वाहन क्रमांक CG04 RB 0409 से पंडित जवाहरलाल नेहरू सभागार परिसर पहुंचाई गई थी।
यह आरोप जांच में प्रमाणित होना बाकी है। संबंधित नाम का उल्लेख अपने आप में अनियमितता सिद्ध नहीं करता, लेकिन आपूर्ति में उसकी भूमिका और अधिकृत आदेश स्पष्ट होना चाहिए।
अलग कार्य की आपूर्ति थी तो उसका हिसाब सामने आए
यदि पौधे किसी अन्य स्वीकृत कार्य के लिए आए थे, तो उसका कार्यादेश, बिल और स्टॉक प्रविष्टि उपलब्ध होनी चाहिए। यदि खेप संबंधित GeM खरीदी की थी, तो बोली, मूल्यांकन, ठेका स्वीकृति और माल प्राप्ति की तारीखों का मिलान जरूरी है।
शिकायत में CCTV, गेट रजिस्टर, GeM ऑडिट ट्रेल, GST चालान, ई-वे बिल, मालभाड़े के भुगतान और डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित करने की मांग की गई है।
इन्हीं अभिलेखों से स्पष्ट होगा कि मांग कब हुई, आपूर्ति किसने स्वीकार की और भुगतान का आधार क्या था।
आयुक्त से अपेक्षा—तारीखवार दस्तावेजी जवाब दें
नगर निगम आयुक्त को खरीदी की पूरी समयरेखा, अधिकृत आदेश, प्राप्ति, सत्यापन और भुगतान का विवरण स्पष्ट करना चाहिए। जांच में मांग तैयार करने से लेकर अंतिम भुगतान तक संबंधित अधिकारियों की भूमिका देखी जानी चाहिए।
शिकायत में बोलियों, ठेका दिए जाने और भुगतान पर रोक तथा प्रथमदृष्टया अनियमितता मिलने पर EOW/ACB कार्रवाई की मांग है। उपलब्ध संभागायुक्त ज्ञापन स्वयं रोक लगाने या अपराध दर्ज करने का आदेश नहीं है। अंतिम जांच निष्कर्ष और निगम का विस्तृत पक्ष अभी उपलब्ध नहीं हैं।
अब सार्वजनिक धन से हुई पौधा खरीदी का उत्तर रिकॉर्ड से सामने आना चाहिए—आपूर्ति और प्रक्रिया की तारीखें मेल खाती हैं या नहीं, यही पड़ताल का निर्णायक बिंदु होगा।



