छत्तीसगढ़

ऊपर से गुजर गया पूरा ट्रेलर, हादसे ने उठाये कई सवाल

सड़क चलने के लिए है, किनारों को समतल और अतिक्रमणमुक्त कब करेंगे साहब…?

कोरबा। कोरबा-चाम्पा मार्ग पर उरगा मुख्य मार्ग में एक दर्दनाक हादसे में 18 चक्का ट्रेलर ने एक वृद्ध की जान ले ली। लगभग 60 वर्षीय वृद्ध ग्राम सेमीपाली थाना उरगा के निवासी बताये जाते हैं।
मृतक अपनी स्कूटी एक्टिवा पर सवार होकर उरगा चौक की और आ रहे थे। इसी दौरान उनके पीछे से आ रही 18 चक्का ट्रेलर के चालक की लापरवाही के कारण अगले हिस्से से स्कूटी को ठोकर लगी। ठोकर लगते ही वह असन्तुलित होकर सड़क पर गिर पड़े और उनके ऊपर से ट्रेलर का अगला पहिया से लेकर पूरा पिछला पहिया तक पार हो गया। इस हादसे का वीडियो सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ है,जो इसकी भयावहता बताता है।

इसमें साफ तौर पर देखा जा रहा है कि इस हादसे में शायद वृद्ध की जान बच गई होती अगर घटनास्थल पर सड़क के ठीक किनारे कार खड़ी ना होती। स्थानीय लोगों के भी अनुसार यदि यह कार यहां पर ना होती तो एकल और संकरी सड़क पर व्यस्त आवागमन के बीच आ रहे ट्रेलर से बचने के लिए वृद्ध अपना स्कूटी सड़क से नीचे उतार लिए होते। जिस वक्त यह हादसा हुआ, एक कार चाम्पा की ओर जाती नजर आ रही है तो दूसरी कार इस तरफ सड़क के किनारे खड़ी हुई है। इसी बीच ट्रेलर के सामने वृद्ध की स्कूटी चल रही है और उस स्कूटी को दोनों कार के बीच आते तक ट्रेलर के चालक ने ठोकर मार दिया। ठोकर लगते ही वृद्ध गिर पड़े और पूरा ट्रेलर पर उनके ऊपर से गुजर गया।


हादसों की रोकथाम के तरीकों पर सवाल


इस हादसे ने भी सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम करने के लिए किये जा रहे प्रशासनिक उपायों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। सवाल यह बहुत बड़ा है कि आखिर मुख्य सड़कों के किनारे जितनी खाली जगह रिक्त होनी चाहिए वह जगह रिक्त क्यों नहीं है? आखिर सड़क के खत्म होते ही इससे लगाकर लोग अपना निजी निर्माण क्यों कर रहे हैं? लोगों के द्वारा मुख्य सड़कों के किनारे पार्किंग के तौर पर सड़क को इस्तेमाल क्यों किया जा रहा है? इन पर चालान/जुर्माना की सख्ती क्यों नहीं? सड़क बनाते वक्त इसके किनारों को समतल करने का काम क्यों नहीं किया जाता, आखिर सड़कों के किनारे के कॉलर ऊंचे/ऊबड़-खाबड़ क्यों छोड़े जाते हैं?

उरगा मुख्य मार्ग में घटनाक्रम ने स्थानीय और जानकार लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी उत्पन्न की है कि जिस जगह पर यह हादसा हुआ है वहां पहले भी हादसे होते रहे हैं। सड़क तक किये गए निर्माण सुगम आवागमन में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। सड़क तक यदि निर्माण ना हो, सड़क के किनारे वाहनों का ठहराव न हो तो छोटे दुपहिया वाहनों और राहगीरों को सड़क से उतरकर आगे बढ़कर निकलने व चलने में सुविधा होगी। वह हादसों से सुरक्षित रह सकते हैं। सड़क सुधार के प्रयासों में लगे पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों से लेकर जिम्मेदार लोगों को चाहिए कि वह सड़कों के किनारे खासकर मुख्य और व्यस्त सड़कों के किनारे जिसकी तरह के अतिक्रमण निर्मित किए गए हैं, उन्हें सख्ती से हटाया जाना चाहिए। इसके अलावा सड़क चाहे नेशनल हाईवे की हो या फिर पीडब्ल्यूडी की, नगर निगम की हो या फिर ग्रामीण सड़क, सभी मुख्य सड़कों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था भी सुनिश्चित कराया जाना चाहिए।

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