तीन महीने वेतन का इंतजार, हड़ताल के बाद आठ घंटे में कार्रवाई—पहले क्यों नहीं सुनी सफाईकर्मियों की पुकार?

जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद ठेकेदार को भुगतान की सूचना; रविशंकर जोन में हड़ताल समाप्त, सफाई व्यवस्था बहाल होने से जनता को राहत
कोरबा | CG Power Hub News Network | शहर को साफ रखने वाले कर्मचारियों को अपनी मेहनत की मजदूरी के लिए काम क्यों रोकना पड़ा? तीन महीने तक वेतन का इंतजार क्यों खिंचता रहा? और जब जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद करीब आठ घंटे में ठेकेदार को भुगतान कराए जाने की सूचना आई, तो पहले समाधान में बाधा क्या थी? नगर निगम कोरबा के रविशंकर जोन में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त होने के साथ राहत जरूर मिली है, लेकिन भुगतान में देरी की जवाबदेही का सवाल अभी कायम है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तीन माह के बकाया वेतन को लेकर पांच वार्डों के करीब 80 सफाई कर्मचारियों ने काम रोक दिया था। हड़ताल के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और उसके हस्तक्षेप से करीब आठ घंटे के भीतर संबंधित ठेकेदार को भुगतान कराए जाने की जानकारी मिली। इसके बाद 7 नवंबर को कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त करते हुए अपने जोन के वार्डों में सफाई की जिम्मेदारी फिर संभाल ली।
त्योहार के बीच नियमित सफाई शुरू होने से प्रभावित इलाकों के नागरिकों ने राहत की सांस ली।
शहर की सफाई जरूरी, तो सफाईकर्मी की मजदूरी क्यों अटकी? सफाई कर्मचारी का वेतन उसके परिवार का सहारा है। राशन, बच्चों की पढ़ाई, दवा और त्योहार की जरूरतें उसी कमाई से पूरी होती हैं। तीन महीने की मजदूरी लंबित होने की शिकायत प्रशासन से स्पष्ट जवाब मांगती है। इस मामले में परेशानी कर्मचारियों और नागरिकों, दोनों ने झेली। कर्मचारियों के घरों में आर्थिक चिंता रही और काम रुकने से वार्डों की सफाई प्रभावित हुई। भुगतान की प्रक्रिया में देरी का बोझ इन दोनों पर क्यों पड़ा?
आयुक्त आशुतोष पाण्डेय बताएं—देरी निगम में हुई या एजेंसी के स्तर पर?
नगर निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय को स्पष्ट करना चाहिए कि संबंधित ठेकेदार के बिल निगम में लंबित थे या एजेंसी ने कर्मचारियों का वेतन रोक रखा था। जिम्मेदार अधिकारियों को बकाये की जानकारी कब मिली और हड़ताल से पहले भुगतान सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए गए?
यदि बिल निगम स्तर पर अटके थे, तो लंबित रहने का कारण सामने आए। यदि एजेंसी को भुगतान मिलने के बावजूद कर्मचारियों की मजदूरी नहीं दी गई, तो उसकी जवाबदेही तय हो। मजदूरी में देरी की जिम्मेदारी रिकॉर्ड देखकर तय होनी चाहिए, ताकि कर्मचारियों को फिर इसी संकट का सामना न करना पड़े।
जिला प्रशासन की सक्रियता से राहत, मंत्री और महापौर का भी जताया आभार
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सफाई कर्मचारियों ने समस्या के समाधान के लिए जिला प्रशासन, मंत्री महोदय और महापौर कोरबा के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। कर्मचारियों ने काम पर लौटकर वार्डों में सफाई व्यवस्था सुचारू करने की जिम्मेदारी निभाई।
जिला प्रशासन का हस्तक्षेप स्वागतयोग्य है। अब इसी सक्रियता के साथ ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए कि हर महीने समय पर मजदूरी मिले और त्योहार से पहले कर्मचारियों को अपनी कमाई के लिए संघर्ष न करना पड़े।
CG Power Hub News Network का जनहित में सीधा सवाल है—शहर को रोज सफाई देने वाले कर्मचारियों को समय पर वेतन देने की जिम्मेदारी कब पूरी होगी? हड़ताल समाप्त होने से जनता को राहत मिली है। अब पूरे बकाये का भुगतान और भविष्य में समय पर मजदूरी सुनिश्चित करना प्रशासन की अगली जिम्मेदारी है।



