छत्तीसगढ़

कोरबा निगम के पूर्व कार्यपालन अभियंता के पुत्र अभय बरुआ और साथियों पर जज से मारपीट का आरोप, FIR दर्ज

देर रात नगाड़े और पटाखों के शोर पर आपत्ति जताना पड़ा भारी! महासमुंद में पदस्थ कुटुंब न्यायालय के न्यायाधीश प्रफुल्ल कुमार सोनवानी, पत्नी और रिश्तेदारों से मारपीट का आरोप, राजकिशोर नगर में 100 से 200 लोगों की मौजूदगी में हुआ विवाद

बिलासपुर- जन्मदिन का जश्न था, नगाड़े बज रहे थे और पटाखों की आवाज से पूरा इलाका गूंज रहा था। लेकिन आधी रात के करीब इस जश्न का माहौल अचानक विवाद और मारपीट के आरोपों में बदल गया। मामला न्यायधानी बिलासपुर के राजकिशोर नगर का है, जहां देर रात शोर-शराबा बंद कराने की बात कहने पर महासमुंद में पदस्थ कुटुंब न्यायालय के न्यायाधीश प्रफुल्ल कुमार सोनवानी और उनके परिजनों के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है।

इस मामले में कोरबा नगर निगम के पूर्व कार्यपालन अभियंता के पुत्र अभय बरुआ और उसके साथियों पर मारपीट करने का आरोप लगा है। न्यायाधीश की शिकायत पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना ने देर रात सार्वजनिक शोर-शराबे, विवाद और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

45 मिनट तक गूंजते रहे नगाड़े, नींद खुली तो नीचे पहुंचे न्यायाधीश

शिकायत के अनुसार, 31 अक्टूबर की रात न्यायाधीश प्रफुल्ल कुमार सोनवानी अपने परिवार के साथ राजकिशोर नगर स्थित अपने ससुराल में थे। रात करीब 11 बजे अचानक तेज नगाड़ों और पटाखों की आवाज से परिवार की नींद खुल गई। काफी देर तक शोर जारी रहा। करीब 45 मिनट तक जब आवाजें बंद नहीं हुईं तो न्यायाधीश घर से नीचे पहुंचे।

बताया गया कि वहां करीब 100 से 200 लोग जन्मदिन का जश्न मना रहे थे। न्यायाधीश ने देर रात तक नगाड़े बजाने और पटाखे फोड़ने पर आपत्ति जताई तथा शोर बंद करने को कहा। आरोप है कि सामान्य आपत्ति से शुरू हुई बातचीत देखते ही देखते तीखे विवाद में बदल गई।

अभय बरुआ और साथियों पर घेरकर मारपीट करने का आरोप

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इसी दौरान अभय बरुआ और उसके साथियों ने न्यायाधीश के साथ विवाद शुरू कर दिया। देखते ही देखते उन्हें घेरकर हाथ-मुक्कों से मारपीट की गई।

मौके पर हो रहे विवाद और शोरगुल को सुनकर न्यायाधीश की पत्नी आकांक्षा, साले अभिषेक भारद्वाज, सास नीरा भारद्वाज और साले की पत्नी गुरप्रीत कौर भी वहां पहुंचीं। आरोप है कि हमलावरों ने उनके साथ भी मारपीट की। इस तरह जन्मदिन के आयोजन में शुरू हुआ विवाद एक परिवार के कई सदस्यों तक पहुंच गया।

पत्नी के हाथ में चोट, साले के सिर और सीने में लगी चोट

घटना में न्यायाधीश की पत्नी आकांक्षा के दाहिने हाथ के पास चोट आने की बात शिकायत में कही गई है। वहीं साले अभिषेक भारद्वाज के सिर, सीने और गले में चोट लगने का उल्लेख किया गया है।

शिकायत के मुताबिक, मारपीट के दौरान न्यायाधीश की शर्ट के बटन टूट गए। उनकी पत्नी और साले का चश्मा भी छीन लिया गया। घटना के बाद कथित आरोपी मौके से फरार हो गए।

FIR दर्ज, आरोपियों की भूमिका की जांच में जुटी पुलिस

मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायाधीश की शिकायत पर पुलिस ने अभय बरुआ और उसके साथियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अब घटना के वास्तविक घटनाक्रम, मारपीट में शामिल लोगों और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।

जन्मदिन का जश्न या कानून को चुनौती?

इस घटना ने एक बार फिर देर रात होने वाले शोर-शराबे और सार्वजनिक आयोजनों में अनुशासन के पालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर रात 11 बजे के बाद नगाड़े और पटाखों के शोर को बंद कराने की आपत्ति मारपीट तक कैसे पहुंच गई? क्या मामूली विवाद इतना बढ़ गया कि एक न्यायिक अधिकारी और उनके परिवार को कथित तौर पर इसका सामना करना पड़ा?

फिलहाल मामले में पुलिस जांच के बाद ही घटनाक्रम की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी। प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों की पुष्टि होना अभी बाकी है।

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