कोरबा में पुलिस की ड्यूटी पर उठे सवाल, अस्पताल में आराम करता दिखा दुष्कर्म का आरोपी

कोरबा- कोरबा में अस्पताल के भीतर दुष्कर्म के आरोपी की निगरानी में तैनात पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर सामने आए एक कथित वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि अस्पताल में भर्ती आरोपी आराम करता और गुटखा चबाता नजर आ रहा है, जबकि उसकी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी पास में सोते दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो ने आरोपी की निगरानी और पुलिस की ड्यूटी को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, वीडियो में एक पुलिसकर्मी के कैमरा सामने आने पर मोबाइल छिपाने की बात भी कही जा रही है। हालांकि, वीडियो की पूरी पृष्ठभूमि और घटना से जुड़ी परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। ऐसे में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि वीडियो कब और किस अस्पताल में बनाया गया तथा उस समय पुलिसकर्मियों की ड्यूटी की वास्तविक स्थिति क्या थी।
आरोपी की निगरानी में लापरवाही के आरोप
अस्पताल में भर्ती किसी आरोपी की सुरक्षा और निगरानी की जिम्मेदारी तैनात पुलिसकर्मियों की होती है। ऐसे में यदि ड्यूटी के दौरान जवान सोते पाए जाते हैं, तो यह सुरक्षा व्यवस्था में संभावित लापरवाही का मामला बन सकता है। खासकर गंभीर अपराध के आरोपी की निगरानी में किसी भी तरह की चूक सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ा सकती है।
वीडियो में मोबाइल छिपाने का भी दावा
वायरल वीडियो को लेकर यह दावा भी किया जा रहा है कि कैमरा सामने आते ही एक पुलिसकर्मी ने अपना मोबाइल छिपा लिया। यदि वीडियो में यह घटनाक्रम स्पष्ट रूप से दिखाई देता है, तो ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों की गतिविधियों की जांच करना जरूरी होगा। हालांकि, केवल वीडियो के आधार पर किसी पुलिसकर्मी की गलती या पूरे घटनाक्रम के बारे में अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद कई सवालों के जवाब सामने आना बाकी हैं। आरोपी की निगरानी के लिए कितने पुलिसकर्मी तैनात थे? क्या ड्यूटी के दौरान किसी तरह की लापरवाही हुई? क्या संबंधित अधिकारियों ने वीडियो का संज्ञान लिया है? इन सवालों का जवाब जांच और आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही मिल सकेगा।
जांच और आधिकारिक पक्ष का इंतजार
फिलहाल, वीडियो की सत्यता, घटना की परिस्थितियों और संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आना जरूरी है। यदि वीडियो में दिख रहे दृश्य सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का सवाल उठ सकता है। फिलहाल, मामले में आधिकारिक पुष्टि और पुलिस विभाग के पक्ष का इंतजार है।



