छत्तीसगढ़

दुर्गा पूजा पंडाल की रस्सी बनी हादसे की वजह? बुलेट सवार फैजान की मौत

अंबिकापुर– छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में शुक्रवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में बुलेट सवार युवक फैजान की मौत हो गई, जबकि उसका साथी घायल हो गया। हादसा जयस्तंभ चौक पर दुर्गा पूजा पंडाल के पास हुआ। शुरुआती जानकारी के अनुसार, जगराता कार्यक्रम के लिए लगाए गए पंडाल को सहारा देने के लिए सड़क किनारे रस्सी बांधी गई थी। बताया जा रहा है कि अंधेरे में बाइक सवार युवकों को रस्सी दिखाई नहीं दी और वे उसकी चपेट में आकर सड़क पर गिर पड़े। गंभीर रूप से घायल फैजान ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।

जयस्तंभ चौक पर कैसे हुआ हादसा?

जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार रात जयस्तंभ चौक स्थित दुर्गा पूजा पंडाल परिसर में जगराता कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसी दौरान बुलेट पर सवार दो युवक वहां से गुजर रहे थे। आरोप है कि सड़क के किनारे बांधी गई रस्सी उन्हें दिखाई नहीं दी। रस्सी की चपेट में आने के बाद दोनों युवक बाइक से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

अस्पताल में घायल फैजान की मौत

हादसे के बाद दोनों युवकों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। बाद में परिजन घायल फैजान को संजीवनी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दूसरे युवक का इलाज जारी है। घटना की खबर फैलते ही इलाके में शोक और हलचल का माहौल बन गया।

सड़क सुरक्षा और रोशनी की व्यवस्था पर सवाल

हादसे के बाद मृतक के परिजनों और परिचितों ने आयोजन स्थल पर सड़क किनारे रस्सी बांधने और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं होने पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि सड़क से गुजरने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम नहीं किए गए थे। उन्होंने घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, हादसे में लापरवाही की जिम्मेदारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

पुलिस की मौजूदगी में बंद कराया गया जगराता

घटना के बाद कोतवाली थाने में मुस्लिम समाज के लोग बड़ी संख्या में एकत्र हुए। स्थिति को देखते हुए जगराता कार्यक्रम बंद करा दिया गया और आयोजन स्थल पर पुलिस बल तैनात किया गया। घटना के बाद इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। पुलिस हादसे के कारणों और आयोजन स्थल पर किए गए सुरक्षा इंतजामों की जांच कर रही है।

जांच के बाद स्पष्ट होगी जिम्मेदारी

इस हादसे ने धार्मिक आयोजनों के दौरान सड़क सुरक्षा, रोशनी और रास्ते में लगाए जाने वाले अवरोधों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सार्वजनिक रास्तों के पास पंडाल या कार्यक्रम आयोजित करते समय लोगों की आवाजाही सुरक्षित रखना जरूरी है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे में किन परिस्थितियों और संभावित लापरवाही की भूमिका रही।

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