स्कूल परिसर में झूले में गला फंसने से चौथी के छात्र की मौत, प्रधानपाठक और सहायक शिक्षक सस्पेंड

महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एक दर्दनाक हादसे में चौथी कक्षा के 10 वर्षीय छात्र की जान चली गई। बसना विकासखंड के मुड़ीडीह शासकीय प्राथमिक स्कूल परिसर में पेड़ से बंधे रस्सी के झूले में खेलते समय बच्चे का गला फंस गया। हादसा शुक्रवार सुबह करीब 9:30 से 10 बजे के बीच हुआ। घटना के समय स्कूल परिसर में कोई शिक्षक या जिम्मेदार कर्मचारी मौजूद नहीं होने की बात सामने आई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी बीएल देवांगन ने प्रधानपाठक रघुनाथ चौधरी और सहायक शिक्षक (एलबी) गुणितराम चौधरी को निलंबित कर दिया है।
समय से पहले स्कूल पहुंचा था छात्र
मिली जानकारी के अनुसार, मृतक छात्र की पहचान तरुण चौहान (10) के रूप में हुई है। वह शुक्रवार सुबह निर्धारित समय से पहले स्कूल पहुंच गया था। स्कूल परिसर में एक पेड़ पर रस्सी बंधी हुई थी, जिसका इस्तेमाल बच्चे झूला झूलने और खेलकूद के लिए करते थे।
बताया जा रहा है कि खेलते समय तरुण का गला रस्सी में फंस गया। इस दौरान वहां कोई शिक्षक या अन्य जिम्मेदार व्यक्ति मौजूद नहीं था। कुछ महिलाएं जब स्कूल परिसर पहुंचीं, तो उन्होंने बच्चे को रस्सी से लटका हुआ देखा।
महिलाओं ने बचाने की कोशिश की, लेकिन नहीं बची जान
बच्चे को रस्सी से लटका देखकर महिलाओं ने उसे नीचे उतारने का प्रयास किया। हालांकि, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही भंवरपुर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।
पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए बसना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
लापरवाही के मामले में दो शिक्षक निलंबित
स्कूल परिसर में हुए इस हादसे और घटना के समय शिक्षकों की अनुपस्थिति की जानकारी सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की है। जिला शिक्षा अधिकारी बीएल देवांगन ने मुड़ीडीह शासकीय प्राथमिक स्कूल के प्रधानपाठक रघुनाथ चौधरी और सहायक शिक्षक (एलबी) गुणितराम चौधरी को निलंबित कर दिया है।
इस दर्दनाक घटना ने स्कूल परिसरों में बच्चों की सुरक्षा और शिक्षकों की जिम्मेदारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर उठे सवाल
स्कूल परिसर में बच्चों के खेलने के लिए इस्तेमाल होने वाले झूले और अन्य संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। इस घटना के बाद स्कूल खुलने से पहले शिक्षकों की उपस्थिति, परिसर की निगरानी और बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है।



