छत्तीसगढ़

नाबालिग से दुष्कर्म कोर्ट ने आरोपी को 20 साल कैद की सजा सुनाई…

रायपुर। रायपुर के सड्डू इलाके में 15 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश एवं प्रथम फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय (POCSO) रायपुर ने आरोपी राजू सेन उर्फ खड़ा राजू उर्फ रेमण्ड (29 वर्ष) को दोषी ठहराते हुए 20 साल के कारावास की सजा सुनाई है। मामले में पीड़िता की मां ने 13 जनवरी 2026 को सरस्वती नगर थाने में मौखिक रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जानकारी के अनुसार, मामला 12 जनवरी 2026 का है। पीड़िता दोपहर करीब 1:30 बजे अपनी नानी के घर से पैदल लौट रही थी। विवेकानंद स्टेडियम के पास सेवा भारतीय मातृ छाया के पास पहुंचने पर नाबालिग ने पीड़िता को फोन कर कहा कि झुमका दीदी बुला रही हैं।

इसके बाद नाबालिग और आरोपी एक वाहन (एक्सेस क्रमांक CG-04-QR-5864) से वहां पहुंचे। जान-पहचान होने के कारण पीड़िता उनके साथ बैठ गई, लेकिन उसे झुमका दीदी के घर ले जाने के बजाय आरोपी के सड्डू स्थित घर ले जाया गया। बताया गया कि किशोर करीब 3 बजे वाहन लेकर वहां से चला गया और उस समय घर में कोई नहीं था। आरोप है कि आरोपी ने पीड़िता के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। उसने पीड़िता का मोबाइल भी बंद कर दिया और नशे में सो गया। पीड़िता 13 जनवरी की सुबह करीब 5 बजे कुंडी खोलकर घर से भाग निकली और पैदल करीब 9 बजे अपने घर पहुंची। उसने मां को पूरी बात बताई। इसके बाद रिपोर्ट दर्ज हुई।पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोपी के खिलाफ न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया।

प्रकरण की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश, प्रथम फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय ‘पॉक्सो’ रायपुर में हुई। न्यायालय की पीठासीन अधिकारी अच्छेलाल काछी थीं। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक डालेश्वर प्रसाद साहू ने पैरवी की। अभियोग पत्र में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 296, 351(2), 115(2), 137(2), 64, 127(2), 3(5) तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा 4 के तहत आरोप शामिल किए गए थे। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायालय ने आरोपी राजू सेन उर्फ खड़ा राजू उर्फ रेमण्ड को दोषी ठहराया और उसे 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय का निर्णय 11 अगस्त 2026 को जारी हुआ।

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