छत्तीसगढ़

3 साल के मासूम की हत्या के मामले में पिता को आजीवन कारावास, धमतरी कोर्ट का फैसला

धमतरी।  जिले के दुगली कौहाबाहरा थाना क्षेत्र के ग्राम आमदी में तीन वर्षीय मासूम की हत्या के मामले में न्यायालय ने आरोपी पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रभावी पुलिस विवेचना, महत्वपूर्ण साक्ष्यों के संकलन और अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी के चलते आरोपी संजय कुमार मरकाम को दोषसिद्ध किया गया।

प्रकरण के अनुसार 19 मई 2025 को ग्राम आमदी में तीन वर्षीय बच्चे की हत्या की घटना सामने आई थी। घटना की सूचना के बाद थाना दुगली कौहाबाहरा में अपराध क्रमांक 19/2025 के तहत धारा 103(1) बीएनएस में मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की थी।

विवेचना के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और प्रत्यक्षदर्शियों एवं अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए। पुलिस ने घटना से जुड़े भौतिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को भी विधिवत एकत्र किया। जांच के दौरान संजय कुमार मरकाम, पिता चिंताराम मरकाम, उम्र 34 वर्ष, निवासी ग्राम आमदी की घटना में संलिप्तता सामने आई। इसके बाद पुलिस ने उसे 20 मई 2025 को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार आरोपी की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल लोहे का टंगिया (कुल्हाड़ी) और खून लगे कपड़े बरामद कर जब्त किए गए। विवेचना पूरी करने के बाद पुलिस ने 21 जुलाई 2025 को न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। मामले में 4 सितंबर 2025 को आरोप विरचित किए गए, जिसके बाद अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए।

मामले की सुनवाई प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश, धमतरी श्रीमती नमिता मिंज भास्कर के न्यायालय में हुई। उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के आधार पर न्यायालय ने 11 अगस्त 2026 को आरोपी संजय कुमार मरकाम को दोषसिद्ध पाते हुए आजीवन कारावास एवं अन्य दंड से दंडित किया।

इस मामले की विवेचना थाना दुगली के सहायक उप निरीक्षक प्रकाश नाग ने की थी। पुलिस के मुताबिक उन्होंने मामले में साक्ष्यों का व्यवस्थित और प्रभावी तरीके से संकलन किया तथा विवेचना को विधिसम्मत रूप से पूरा कर समय पर अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया। उनकी विवेचना को आरोपी को कठोर सजा दिलाने में महत्वपूर्ण माना गया है।

पुलिस अधीक्षक धमतरी भावना पांडेय ने मामले में उत्कृष्ट एवं प्रभावी विवेचना के लिए सहायक उप निरीक्षक प्रकाश नाग की सराहना की है। उन्होंने विवेचक को पुरस्कृत करने की घोषणा भी की है।

धमतरी पुलिस का कहना है कि गंभीर और जघन्य अपराधों में गुणवत्तापूर्ण विवेचना, वैज्ञानिक एवं विधिसम्मत तरीके से साक्ष्यों का संकलन और प्रभावी अभियोजन सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है, ताकि दोषियों को न्यायालय से कठोर सजा दिलाई जा सके।

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