पंचायत का बड़ा घोटाला! 37.26 लाख रुपये निजी खाते में ट्रांसफर, गुरसिया सरपंच हेमलता बघेल तत्काल निलंबित

कोरबा पोरीउपरोड़ा। कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गुरसिया की सरपंच हेमलता बघेल को गंभीर वित्तीय अनियमितता और शासकीय राशि के कथित गबन के आरोप में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पोड़ी उपरोड़ा ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। 10 जुलाई 2026 को जारी आदेश के बाद पूरे क्षेत्र में इस कार्रवाई की चर्चा है।

प्रशासनिक आदेश के अनुसार, ग्रामवासियों की शिकायत पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा द्वारा मामले की विस्तृत जांच कराई गई। जांच प्रतिवेदन और आईडीबीआई बैंक, कोनकोना शाखा के बैंक खाते के विवरण में यह सामने आया कि तत्कालीन सचिव रविंद्र कुमार सिंह के साथ संयुक्त हस्ताक्षर का उपयोग करते हुए पंचायत के शासकीय खाते से 37 लाख 26 हजार रुपये नियमों के विपरीत सरपंच के निजी बचत खाते में स्थानांतरित किए गए।
बताया गया है कि संबंधित राशि पंचायत के स्वीकृत निर्माण कार्यों के लिए थी। जांच में इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता और शासकीय धन के गबन की श्रेणी में माना गया है, जो छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 के वित्तीय एवं लेखा नियमों का उल्लंघन है।
एसडीएम द्वारा जारी आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि सरपंच के विरुद्ध छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 की धारा 40(1)(क) के तहत पद से पृथक करने की कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी गई है। आरोपपत्र की तामील और कारण बताओ नोटिस पहले ही जारी किए जा चुके हैं।
प्रशासन का कहना है कि यदि सरपंच पद पर बनी रहती हैं तो पंचायत के अभिलेखों, शासकीय कार्यों और निष्पक्ष जांच पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसी आधार पर धारा 39(1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
निलंबन अवधि के दौरान श्रीमती हेमलता बघेल किसी भी शासकीय कार्य का संचालन नहीं कर सकेंगी। साथ ही पंचायत के सभी अभिलेख, शासकीय प्रभार और सामग्री अधिकृत अधिकारी को तत्काल सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन की इस कार्रवाई को पंचायतों में वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। अब मामले में पद से पृथक करने की वैधानिक प्रक्रिया के साथ अन्य कानूनी कार्रवाई भी आगे बढ़ सकती है।



