छत्तीसगढ़

स्कूल में छोटे बच्चों से कराया जा रहा काम…

खैरागढ़।  जिस उम्र में बच्चों के हाथों में किताब, कॉपी और पेंसिल होनी चाहिए, उस उम्र में छोटे बच्चों से बर्तन धोने, पानी भरने का काम कराने का वीडियो सामने आया है। खैरागढ़ जिले के छुईखदान ब्लॉक के ग्राम पंचायत बकरकट्टा के आश्रित ग्राम खाम्ही के प्राथमिक स्कूल के बताए जा रहे इस वीडियो को लेकर अब शिक्षा विभाग ने संज्ञान लिया है।वीडियो में छोटे बच्चे पानी भरते और बर्तन साफ करते दिखाई दे रहे हैं। कुछ बच्चे किचन शेड के आसपास भी नजर आ रहे हैं।

वीडियो सामने आने के बाद बच्चों से इस तरह की गतिविधि कराए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, वीडियो की तारीख और उस समय की पूरी परिस्थितियों की पुष्टि विभागीय जांच के बाद ही हो सकेगी।मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी मुकुल साव ने कहा कि उन्हें इस संबंध में जानकारी मिली है और उन्होंने वीडियो देखा है। वीडियो में बहुत छोटे बच्चे दिखाई दे रहे हैं और इन छोटे बच्चों से इस प्रकार का काम करवाना उन्हें उचित नहीं लगा। DEO मुकुल साव के अनुसार, जहां खाना बनता है या मध्याह्न भोजन से संबंधित किचन शेड होता है, उसके आसपास बच्चों को नहीं जाना चाहिए। अगर बच्चों से पानी भरवाया जा रहा है या उन्हें किचन के अंदर भेजा जा रहा है तो यह बच्चों के लिए अस्वच्छ और उचित नहीं है। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि उन्होंने बीईओ को निर्देशित किया है कि इस संबंध में तत्काल कार्रवाई करते हुए मध्याह्न भोजन से संबंधित शिक्षक से स्पष्टीकरण प्राप्त किया जाए।

इसके बाद स्पष्टीकरण और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।बताया जा रहा है कि खाम्ही प्राथमिक स्कूल का भवन जर्जर होने के कारण स्कूल का संचालन अतिरिक्त कक्ष में किया जा रहा है। इसी बीच बच्चों के पानी भरने और बर्तन साफ करने का वीडियो सामने आने से स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। वीडियो में दिखाई दे रहे बच्चे बैगा आदिवासी समुदाय से बताए जा रहे हैं। बैगा विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह यानी PVTG में शामिल है। ऐसे में स्कूल में बच्चों के लिए सुरक्षित और उचित वातावरण उपलब्ध कराने को लेकर विभागीय स्तर पर मामले की जांच महत्वपूर्ण हो जाती है।

स्कूल की जिम्मेदारी संकुल समन्वयक तोरण साहू, प्रधानपाठक राजकमल उइके और सहायक शिक्षक ईश्वर कंवर के जिम्मे बताई गई है। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी तय करना उचित नहीं होगा। फिलहाल विभाग ने संबंधित शिक्षक से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए हैं। अब जांच और स्पष्टीकरण के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वीडियो में दिखाई दे रही स्थिति किन परिस्थितियों में बनी, बच्चों से पानी भरवाने या बर्तन साफ करने की नौबत क्यों आई और इसमें किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं। फिलहाल शिक्षा विभाग ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। जांच के निष्कर्ष और स्पष्टीकरण के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की तस्वीर साफ होगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button