सरकारी कामकाज में लापरवाही पड़ी भारी! पटवारी मिथलेश वर्मा निलंबित, कलेक्टर कुणाल दुदावत ने जारी किया आदेश

कोरबा में शासकीय कार्यों में लापरवाही और लगातार अनुपस्थिति पर पटवारी मिथलेश वर्मा निलंबित। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने जारी किया आदेश।
कोरबा। सरकारी कामकाज में लापरवाही और शासकीय दायित्वों से दूरी अब भारी पड़ने लगी है। कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत ने प्रशासनिक कसावट दिखाते हुए तहसील दर्री के पटवारी मिथलेश वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबित पटवारी का मुख्यालय तहसील अजगरबहार निर्धारित किया गया है। इस कार्रवाई से राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है।
दरअसल, पटवारी मिथलेश वर्मा, प.ह.नं. 40 भैरोताल के खिलाफ शासकीय कार्यों में लगातार उदासीनता और लापरवाही की शिकायतों के आधार पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। विभागीय नोटिस में कई गंभीर कमियां सामने रखी गई थीं। इनमें भू-अभिलेख नियमावली के मुताबिक दैनिक डायरी का संधारण नहीं करना, किसानों के एग्रीस्टैक पंजीयन और बकेट क्लेम डिजिटल कॉप मोबाइल ऐप में प्रविष्टि का काम शुरू नहीं करना शामिल था।
इतना ही नहीं, नक्शा बंटाकन और अभिलेख दुरुस्ती के कार्य लंबित रखने के साथ खरीफ वर्ष 2025-26 की मैनुअल गिरदावरी से जुड़े कार्य भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत नहीं किए जाने का उल्लेख किया गया था।
नोटिस का जवाब भी नहीं आया काम!
कार्यालयीन पत्र क्रमांक 1673/भू.अ./पट.स्था./2026 के जरिए 1 अक्टूबर 2026 को जारी नोटिस का जवाब पटवारी ने 5 अक्टूबर को प्रस्तुत किया, लेकिन प्रशासन को उनका जवाब संतोषप्रद नहीं लगा। इसके बाद एक और गंभीर तथ्य सामने आया कि पटवारी 13 अक्टूबर 2026 से लगातार अपने शासकीय कर्तव्यों से अनुपस्थित बताए गए।
इसका असर सीधे किसानों और राजस्व संबंधी कामकाज पर पड़ने की बात सामने आई। चक्रवात अर्नब से प्रभावित फसलों के नुकसान का आकलन और धान खरीदी से पहले किसानों की समस्याओं के निराकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्य भी प्रभावित हुए।
कलेक्टर का सख्त संदेश, जिम्मेदारी से बचने वालों पर कार्रवाई!
शासकीय कार्यों में व्यवधान और पदीय दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही मानते हुए कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3(1) एवं 3(क), (ख), (ग) के उल्लंघन पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के तहत निलंबन का आदेश जारी किया है।
निलंबन अवधि में पटवारी का मुख्यालय तहसील अजगरबहार रहेगा और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
इस कार्रवाई को राजस्व अमले के लिए स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि किसानों से जुड़े कामकाज और सरकारी जिम्मेदारियों में लापरवाही बरतने पर प्रशासनिक कार्रवाई से बचना आसान नहीं होगा।



