छत्तीसगढ़

मल्हार स्कूल की छात्राओं का कलेक्ट्रेट में हंगामा, शिक्षकों पर गंभीर आरोप, दो घंटे की बैठक भी बेनतीजा

बिलासपुर : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में मल्हार शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं ने शिक्षकों पर गंभीर अनियमितताओं और अवैध वसूली के आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। छात्राओं ने कलेक्टर को बाहर बुलाकर अपनी समस्याएं सुनने की मांग की और मुख्य प्रवेश द्वार पर बैठकर नारेबाजी की। बाद में मंथन सभाकक्ष में कलेक्टर और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में करीब दो घंटे तक चर्चा हुई, लेकिन छात्राओं का कहना है कि उनकी प्रमुख मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ।

संस्कृत शिक्षक पर अश्लील हरकतों और फर्जी डिग्री के आरोप

मंगलवार को न्याय की मांग लेकर जिला कार्यालय पहुंचीं छात्राओं ने संस्कृत शिक्षक राजेश दुबे पर कक्षा में अश्लील हरकतें करने और छात्राओं पर गलत नजर रखने का आरोप लगाया। छात्राओं ने शिक्षक की डिग्री की वैधता पर भी सवाल उठाते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की। ये सभी आरोप छात्राओं की शिकायत पर आधारित हैं, जिनकी जांच के संबंध में प्रशासन ने आगे की कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

मुफ्त सैनिटरी पैड बेचने और एक्सपायरी पैड बांटने की शिकायत

छात्राओं ने गणित शिक्षिका पर शासन की ओर से मिलने वाले निशुल्क सैनिटरी पैड पांच रुपये में बेचने और एक्सपायरी पैड वितरित करने का आरोप लगाया। इसके अलावा एएफ फंड की राशि में गड़बड़ी और विरोध करने पर अंक काटने की धमकी देने की शिकायत भी की गई। छात्राओं का कहना है कि इन मामलों को लेकर पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन उन्हें अपेक्षित कार्रवाई नहीं मिली।

कलेक्टर को बाहर बुलाने की मांग, गेट पर बैठकर प्रदर्शन

छात्राओं का एक प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर से मिलने पहुंचा तो उन्होंने मांग की कि कलेक्टर बाहर आकर सभी विद्यार्थियों के सामने उनकी बात सुनें। कलेक्टर द्वारा प्रतिनिधिमंडल से चर्चा की बात कहे जाने पर छात्र-छात्राएं नाराज हो गए और मुख्य प्रवेश द्वार पर बैठकर नारेबाजी करने लगे। अतिरिक्त कलेक्टर शिव बनर्जी और ज्योति पटेल ने उन्हें समझाने का प्रयास किया। इसके बाद विद्यार्थियों को मंथन सभाकक्ष में बातचीत के लिए बुलाया गया।

दो घंटे चली बैठक, छात्राओं ने जताई निराशा

कलेक्टर संजय अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल और नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे की मौजूदगी में करीब दो घंटे तक चर्चा हुई। बैठक के बाद छात्राओं ने निराशा जताते हुए कहा कि उनकी मुख्य मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया। प्रदर्शन के दौरान छात्राएं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता, पॉक्सो अधिनियम और किशोर न्याय अधिनियम से संबंधित धाराओं के हस्तलिखित पर्चे भी लेकर पहुंची थीं।

जांच और आगे की कार्रवाई पर प्रशासन का आश्वासन

कलेक्टर संजय अग्रवाल के अनुसार, पहले मिली शिकायतों के आधार पर जांच दल गठित किया गया था। उनके मुताबिक, जांच में प्राचार्य सहित कुछ शिक्षकों को दोषी पाए जाने के बाद उन्हें स्कूल से हटा दिया गया है। कलेक्टर ने कहा कि छात्राओं की नई शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल छात्राओं द्वारा लगाए गए आरोपों की विस्तृत जांच और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।

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