झारखंड में ट्रक-कार की भीषण टक्कर, राजनांदगांव के एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत

रायपुर झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में मंगलवार को हुए भीषण सड़क हादसे में छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव निवासी एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा हाटगम्हरिया थाना क्षेत्र में ट्रक और कार की आमने-सामने टक्कर से हुआ। कार में सवार 9 महीने का बच्चा सुरक्षित बच गया। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जमशेदपुर के टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद ट्रक चालक फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।
जमशेदपुर जाते समय हुआ भीषण हादसा
जानकारी के मुताबिक, राजनांदगांव निवासी परिवार मंगलवार सुबह कार से जमशेदपुर जा रहा था। इसी दौरान पश्चिमी सिंहभूम जिले में कुदापी डाउन के पास ट्रक और कार की आमने-सामने टक्कर हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ट्रक कथित तौर पर गलत दिशा से आ रहा था। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई और पुलिस को सूचना दी गई।
अमृत कौर समेत तीन की मौत, दो गंभीर घायल
इस दुर्घटना में जान गंवाने वालों की पहचान अमृत कौर (45), अमनदीप कौर (15) और गुर सिमरन कौर (11) के रूप में हुई है। वहीं, हरमन कौर (6) और प्रदीप सिंह (57) गंभीर रूप से घायल हो गए। कार में सवार नौ महीने का बच्चा सुरक्षित बच गया। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत की खबर से राजनांदगांव में शोक का माहौल है।
घायलों को TMH में कराया गया भर्ती
हादसे की सूचना मिलने पर हाटगम्हरिया थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया और एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जमशेदपुर के टाटा मेन हॉस्पिटल रेफर कर दिया। दोनों का इलाज जारी है। पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
ट्रक चालक फरार, पुलिस ने शुरू की तलाश
हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रक और कार को जब्त कर लिया है तथा मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी में ट्रक के गलत दिशा से आने को दुर्घटना की वजह बताया जा रहा है। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों और अन्य परिस्थितियों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।



