छत्तीसगढ़

जांजगीर-चांपा पुलिस ने फर्जी चोरी का किया खुलासा, युवक ने रची थी 2.21 लाख की झूठी कहानी

बिर्रा पुलिस की त्वरित कार्रवाई से चंद घंटों में सामने आई सच्चाई, घर की छत में छुपाकर रखी थी रकम

 

जांजगीर-चांपा। जांजगीर चांपा पुलिस ने एक कथित चोरी के मामले का कुछ ही घंटों में खुलासा करते हुए फर्जी आवेदन की पोल खोल दी। मामला बिर्रा थाना क्षेत्र के बनडभरा गांव का है, जहां एक युवक ने 2 लाख 21 हजार रुपये चोरी होने की झूठी कहानी गढ़कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। पुलिस की सूझबूझ और मनोवैज्ञानिक पूछताछ के बाद पूरा मामला सामने आ गया।

 

 

पुलिस के अनुसार, बनडभरा निवासी नरेश भारद्वाज ने थाना बिर्रा पहुंचकर लिखित आवेदन दिया था कि उसने अपनी खेत जमीन अपनी मां लीला बाई कश्यप को बेची थी, जिसकी रकम 2,21,000 रुपये घर की अलमारी में रखी हुई थी। आवेदक ने दावा किया कि रात में घर के आंगन में सोने के दौरान अज्ञात चोर कमरे में रखी अलमारी को घर से दूर ले गए और उसमें रखी पूरी रकम चोरी कर ली।

 

आवेदन मिलने के बाद बिर्रा पुलिस तुरंत सक्रिय हुई। मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक निवेदिता पाल के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कश्यप के मार्गदर्शन में जांच शुरू की गई। वहीं उप पुलिस अधीक्षक (अजाक) सतरूपा तारम के पर्यवेक्षण में बिर्रा पुलिस टीम ने घटनास्थल पहुंचकर जांच पड़ताल की।

 

पुलिस को शुरू से ही मामले में कई संदिग्ध बातें नजर आईं। आवेदन देने के बाद आवेदक का थाना आने में आनाकानी करना और फोन पर टालमटोल करना पुलिस के शक को और मजबूत कर रहा था। इसके बाद पुलिस ने आवेदक और उसके परिजनों से कड़ाई एवं मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की।

 

पूछताछ के दौरान नरेश भारद्वाज टूट गया और उसने स्वीकार किया कि उसने गांव के कुछ लोगों से उधार ले रखा था। जमीन बिक्री से मिली रकम उसे उन लोगों को चुकानी पड़ती, इसलिए उसने फर्जी चोरी की कहानी रची। उसने खुद ही अलमारी को घर से दूर क्षतिग्रस्त हालत में छोड़ दिया था और पूरी रकम घर की छत में छुपाकर रख दी थी।

पुलिस की पूछताछ के बाद आरोपी ने छुपाई गई रकम पुलिस के सामने पेश कर दी। इसके बाद गवाहों और परिजनों की मौजूदगी में कुल 2 लाख 21 हजार रुपये की राशि आवेदक को सुपुर्द कर दी गई।

इस पूरे मामले का खुलासा करने में थाना प्रभारी जय कुमार साहू, उप निरीक्षक टी.आर. जांगड़े, उप निरीक्षक नरेंद्र शुक्ला, आरक्षक रघुवीर यादव, जनक कश्यप, दीपक तिवारी तथा महिला आरक्षक रितु लहरे की अहम भूमिका रही। पुलिस की त्वरित और सतर्क कार्रवाई से झूठे चोरी के मामले का पर्दाफाश हो गया।

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