छत्तीसगढ़

मुंगेली में 3.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी का खुलासा, फर्जी हस्ताक्षर कर खाते से रकम निकालने

मुंगेली । मुंगेली पुलिस ने बैंक खाते से 3.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी कार्रवाई की है। आरोपी ने अपने ही रिश्तेदार के खाते से फर्जी हस्ताक्षर और सहमति पत्र तैयार कर लाखों रुपये की रकम निकाल ली थी। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से फर्जी सहमति पत्र भी बरामद किया है और उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

 

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुंगेली भोजराम पटेल के निर्देशन में संपत्ति संबंधी अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना फास्टरपुर पुलिस ने यह कार्रवाई की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा एवं उप पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह के मार्गदर्शन में मामले की जांच कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के अनुसार, प्रार्थी संजय कोशले, निवासी विचारपुर शुक्लाभाठा, ने 24 मई 2026 को थाना फास्टरपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसकी पुत्री की सर्पदंश से मृत्यु होने के बाद शासन द्वारा चार लाख रुपये की सहायता राशि उसके आईडीबीआई बैंक खाते में जमा कराई गई थी।

संजय ने आरोप लगाया कि उसके मामा चंद्रपाल सिंह बनर्जी ने उसके बैंक खाते की पासबुक, एटीएम कार्ड और मोबाइल नंबर अपने नियंत्रण में रख लिया था। 23 जून 2025 को आरोपी ने खाते से 30 हजार रुपये निकालकर संजय को दिए और बताया कि डेढ़ लाख रुपये फिक्स डिपॉजिट कर दिए गए हैं। साथ ही रकम निकलवाने के एवज में दो लाख रुपये देने की मांग भी की।

कुछ समय बाद जब संजय ने अपने खाते की पासबुक और एटीएम वापस मांगे तो आरोपी ने खाते में राशि नहीं होने की बात कहकर उसे और उसकी मां को घर से भगा दिया। संदेह होने पर संजय ने बैंक जाकर खाते का स्टेटमेंट निकलवाया, जिसमें पता चला कि खाते से अलग-अलग किश्तों में कुल 3 लाख 50 हजार रुपये आरोपी द्वारा अपने खाते में यूपीआई के माध्यम से ट्रांसफर किए गए थे।

 

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने फर्जी हस्ताक्षर कर एक सहमति पत्र तैयार किया और उसी के आधार पर खाते से रकम आहरित की। शिकायत के आधार पर थाना फास्टरपुर में अपराध क्रमांक 56/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और 336(3) के तहत मामला दर्ज किया गया।

विवेचना के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपी चंद्रपाल सिंह बनर्जी (30 वर्ष) निवासी कोदवा थाना कुण्डा जिला कबीरधाम, हाल निवास सोनकर सिटी मुंगेली को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने धोखाधड़ी की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद पुलिस ने उसके कब्जे से मूल विवादित सहमति पत्र जब्त कर उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।

 

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी फास्टरपुर उप निरीक्षक लक्ष्मण खुंटे, सहायक उप निरीक्षक विजय बंजारा, प्रधान आरक्षक मनोज साहू तथा आरक्षक पारसमणी भास्कर, मुकेश ठाकुर, प्रकाश चंद्रवंशी और रामू निषाद सहित थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

 

मुंगेली पुलिस ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, पासबुक और सिम कार्ड किसी भी व्यक्ति को न दें और न ही किराये पर उपलब्ध कराएं। साथ ही पार्ट टाइम जॉब और अधिक कमीशन का लालच देने वाले ऑनलाइन विज्ञापनों से सावधान रहें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं।

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