रिटायर्ड राजस्व निरीक्षक पर सरकारी राशन लेने का आरोप

सरकारी राशन व्यवस्था पर उठे सवाल, जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी निशाना
सूरजपुर। जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के संचालन को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला ग्राम पंचायत बगड़ा का है, जहां एक रिटायर्ड राजस्व निरीक्षक पर फर्जी तरीके से पीडीएस का चावल लेने का आरोप लगा है। आरोप है कि सेवानिवृत्त होने के बावजूद संबंधित व्यक्ति सरकारी राशन योजना का लाभ उठा रहा है, जबकि वह इसके लिए पात्र नहीं है। इस पूरे मामले ने खाद्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
रिटायर्ड राजस्व निरीक्षक पर पीडीएस चावल लेने का आरोप

जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत बगड़ा निवासी आगेश्वर प्रसाद तिवारी, जो राजस्व विभाग से राजस्व निरीक्षक के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं, उनके नाम पर अभी भी पीडीएस योजना का लाभ लिया जा रहा है। आरोप है कि नियमों के विपरीत राशन कार्ड का उपयोग कर सरकारी चावल प्राप्त किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आर्थिक रूप से सक्षम होने और सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होने के बावजूद यदि कोई व्यक्ति गरीबों के लिए संचालित योजना का लाभ ले रहा है तो यह व्यवस्था की गंभीर खामी को दर्शाता है। मामले के सामने आने के बाद ग्रामीणों के बीच भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
बेटे के उपसरपंच होने का मिल रहा फायदा?
मामले को लेकर सबसे बड़ा आरोप यह लगाया जा रहा है कि संबंधित व्यक्ति का बेटा द्वारिकाधीश तिवारी ग्राम पंचायत बगड़ा में उपसरपंच के पद पर है। आरोप है कि स्थानीय प्रभाव और पद का फायदा उठाकर सरकारी योजनाओं का लाभ लिया जा रहा है।
हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच कराई जाए तो कई तथ्य सामने आ सकते हैं। लोगों का आरोप है कि प्रभावशाली लोगों के कारण पात्र और अपात्र हितग्राहियों की जांच में लापरवाही बरती जाती है, जिससे योजनाओं का वास्तविक लाभ जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पाता।



