छत्तीसगढ़

नौकरी लगाने के नाम पर 8.95 लाख की ठगी

जगदलपुर। बस्तर जिले में नौकरी लगाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने होमगार्ड और फॉरेस्ट गार्ड के पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर पांच लोगों से करीब 8.95 लाख रुपये ठगने के आरोपी कृष्ण कुमार वैष्णव को गिरफ्तार किया है। आरोपी घटना के बाद से मोबाइल बंद कर फरार चल रहा था, जिसे पुलिस ने उसके आड़ावाल स्थित घर से हिरासत में लिया।

पुलिस के अनुसार आरोपी कृष्ण कुमार वैष्णव पिता गोपालदास, उम्र 38 वर्ष, निवासी आड़ावाल, थाना बोधघाट, जगदलपुर ने होमगार्ड और फॉरेस्ट विभाग में अपनी अच्छी पहचान होने का हवाला देकर लोगों को नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। विश्वास में लेने के लिए वह प्रार्थियों को वर्दी भी दिखाता और नौकरी लगवाने के नाम पर उनसे रकम लेता था।

मामले में प्रार्थी नीरबत्ती कश्यप, उम्र 27 वर्ष, निवासी मावलीगुड़ा, जिला बस्तर ने थाना कोतवाली पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के मुताबिक आरोपी ने प्रार्थी से 1.50 लाख रुपये, परमेश्वर नेताम से 2.05 लाख रुपये, सरिता बघेल से 3.92 लाख रुपये और सोनधर कश्यप से 70 हजार रुपये लिए थे। आरोपियों से ली गई कुल रकम 8.95 लाख रुपये बताई गई है।

नौकरी नहीं लगने और रकम वापस नहीं मिलने के बाद प्रार्थी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना कोतवाली में धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर के मार्गदर्शन और नगर पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार धोत्रे के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक लीलाधर राठौर के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने आरोपी के संभावित ठिकानों पर तलाश शुरू की और उसके आड़ावाल स्थित घर पहुंचकर उसे हिरासत में लिया।

पूछताछ में आरोपी ने नौकरी लगाने के नाम पर रकम लेने की बात स्वीकार की। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने फोन-पे और नगद माध्यम से रकम प्राप्त की थी। मामले में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी कृष्ण कुमार वैष्णव को 14 अगस्त 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार आरोपी पूर्व में ठगी और मारपीट जैसे मामलों सहित कुल सात अपराधों में संलिप्त रहा है और हिस्ट्रीशीटर है। कई बार जेल जाने के बावजूद उसके द्वारा अपराध करना जारी रखने की बात भी पुलिस ने कही है।

बस्तर पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी सरकारी नौकरी में नियुक्ति दिलाने के नाम पर यदि कोई व्यक्ति पैसे की मांग करता है तो तत्काल सतर्क रहें और ऐसे मामलों की सूचना पुलिस को दें।

इस कार्रवाई में निरीक्षक लीलाधर राठौर, उपनिरीक्षक छबील तांडेकर, प्रधान आरक्षक विनोद चांदने, राजपूत तथा आरक्षक रंगलाल खरे, त्रिनाथ कश्यप और तामेश्वर चंद्राकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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