फिंगरप्रिंट लिया, राशन नहीं दिया! कोरबा में PDS घोटाले का बड़ा खुलासा, 100 क्विंटल चावल का हिसाब गायब

कोरबा। कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बंजारी की शासकीय उचित मूल्य दुकान में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) से जुड़ी गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। प्रारंभिक जांच और विक्रेता के कथित बयान के आधार पर ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने खाद्य विभाग और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
मिली जानकारी के अनुसार, दुकान में करीब 100 क्विंटल चावल का हिसाब नहीं मिल रहा। आरोप है कि 402 पात्र हितग्राहियों को उनका राशन नहीं मिला, जबकि कई मामलों में बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट लेने के बावजूद खाद्यान्न वितरित नहीं किया गया। यदि जांच में ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह कोरबा जिले के सबसे बड़े राशन घोटालों में शामिल हो सकता है।
शिकायत में क्या-क्या लगाए गए आरोप?
शिकायत के अनुसार दुकान के स्टॉक और वितरण रिकॉर्ड में भारी अंतर पाया गया है। आरोप है कि बड़ी मात्रा में सरकारी चावल का हिसाब उपलब्ध नहीं है। वहीं, हितग्राहियों का आरोप है कि उनसे फिंगरप्रिंट तो ले लिए गए, लेकिन राशन नहीं दिया गया। इससे गरीब परिवारों के हक पर डाका पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
जांच में रिकॉर्ड खंगाल रहा खाद्य विभाग
खाद्य विभाग की टीम पूरे मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार दुकान के स्टॉक रजिस्टर, वितरण पंजी, बायोमेट्रिक डेटा और अन्य अभिलेखों का मिलान किया जा रहा है। यदि जांच में अनियमितता प्रमाणित होती है, तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि—
पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
भविष्य में ऐसी गड़बड़ियां रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत की जाए।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए।
अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
बंजारी पंचायत का यह मामला गरीबों के लिए भेजे जाने वाले सरकारी खाद्यान्न की सुरक्षा और वितरण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब पूरे क्षेत्र की नजर प्रशासन की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है। यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला जिले की पीडीएस व्यवस्था पर बड़ा सवाल बन सकता है, वहीं ग्रामीणों को उम्मीद है कि उन्हें उनका हक का राशन मिलेगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
अब पसान PDS की जांच पर भी टिकी निगाहें, कहीं बंजारी से भी बड़ा मामला तो नहीं आएगा सामने?बंजारी में सामने आए कथित राशन घोटाले के बाद अब लोगों की नजर पसान की पीडीएस व्यवस्था पर भी टिक गई है। यहां पहले से की गई शिकायतों की जांच अभी लंबित बताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पसान की भी निष्पक्ष और गहन जांच कराई गई, तो वहां भी बड़े स्तर की अनियमितताओं का खुलासा हो सकता है।
हालांकि, पसान मामले में अभी किसी भी प्रकार की अनियमितता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। लेकिन बंजारी प्रकरण के बाद लोगों के बीच यह चर्चा जरूर तेज हो गई है कि कहीं पसान का मामला इससे भी बड़ा न निकल जाए। अब सभी की निगाहें प्रशासन की जांच रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।



