3 लाख का शौचालय बना भ्रष्टाचार का स्मारक!

कोरबा। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीणों को बेहतर स्वच्छता सुविधा देने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत पसान में लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए सार्वजनिक शौचालय आज भ्रष्टाचार और लापरवाही की मिसाल बनकर खड़े हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरकारी धन से बने शौचालय जनता के उपयोग में आने से पहले ही बदहाल हो गए, जबकि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, पंचायत में पूर्व सरपंचों के कार्यकाल में बनाए गए एक सार्वजनिक शौचालय का उद्घाटन तक नहीं हो सका। वहीं करीब 3 लाख रुपये की लागत से निर्मित दूसरे शौचालय की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि उसके दरवाजे टूट चुके हैं, अंदर गंदगी का अंबार लगा है और पानी की व्यवस्था के लिए लगाई गई सिंटेक्स टंकी भी रहस्यमयी तरीके से गायब हो गई है।

विडंबना यह है कि जिस शौचालय का निर्माण लोगों की सुविधा के लिए किया गया था, वह आज खुद बदहाली और भ्रष्टाचार की कहानी बयां कर रहा है। परिसर में झाड़ियां उग चुकी हैं और भवन वर्षों से उपयोग के इंतजार में खंडहर बनता जा रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब निर्माण कार्य पूरा हुआ था, तो उसका उद्घाटन और संचालन क्यों नहीं हुआ? यदि भवन उपयोग में नहीं आया तो निर्माण की गुणवत्ता की निगरानी किसने की? आखिर सरकारी राशि खर्च होने के बाद भी जनता को सुविधा क्यों नहीं मिली?

गौरतलब है कि ग्राम पंचायत पसान वही क्षेत्र है, जहां से पोड़ी उपरोड़ा जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष का प्रतिनिधित्व है, लेकिन आज भी ग्रामीणों को एक उपयोगी सार्वजनिक शौचालय तक नसीब नहीं है।



