छत्तीसगढ़

राशन घोटाला: क्या राशन विक्रेता पर होगी FIR? जांच के बाद होगी बड़ी कार्रवाई!

कोरबा। पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम पंचायत बंजारी की शासकीय उचित मूल्य दुकान में सामने आए कथित राशन घोटाले के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या राशन विक्रेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी? करीब 100 क्विंटल चावल का हिसाब नहीं मिलने, 402 हितग्राहियों को राशन से वंचित रखने और बायोमेट्रिक सत्यापन के बावजूद राशन नहीं मिलने के आरोपों के बीच खाद्य विभाग की जांच तेज हो गई है।

सूत्रों के अनुसार जांच टीम स्टॉक रजिस्टर, वितरण पंजी, बायोमेट्रिक रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों का मिलान कर रही है। यदि जांच में सरकारी खाद्यान्न के गबन, फर्जी वितरण या रिकॉर्ड में हेराफेरी की पुष्टि होती है, तो संबंधित राशन विक्रेता एवं अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर सहित वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।

जानकारों का कहना है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में सरकारी खाद्यान्न का गबन या रिकॉर्ड में हेराफेरी पाए जाने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की प्रासंगिक धाराओं तथा छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश के तहत कार्रवाई संभव है। हालांकि, कौन-सी धाराएं लगेंगी, इसका निर्णय जांच रिपोर्ट के आधार पर ही होगा।

इस पूरे मामले ने जिले की पीडीएस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब लोगों की निगाहें प्रशासन की अंतिम जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह हाल के वर्षों में जिले की सबसे बड़ी राशन अनियमितताओं में से एक माना जा सकता है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की संभावना बढ़ जाएगी।

नोट: फिलहाल मामले की जांच जारी है। एफआईआर या किसी व्यक्ति की दोषसिद्धि संबंधी अंतिम निर्णय सक्षम प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।

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