दीपका ओवरब्रिज निर्माण को लेकर उठे सवाल, कैंप की अनुमति और कार्यप्रणाली की जांच की मांग

कोरबा। कोरबा जिले के गेवरा और दीपका क्षेत्र के बीच निर्माणाधीन दीपका ओवरब्रिज एक बार फिर चर्चा में है। करोड़ों रुपये की लागत वाले इस महत्वपूर्ण निर्माण कार्य को लेकर कार्यप्रणाली, निर्माण स्थल से जुड़े प्रबंधन और ठेका एजेंसी के कैंप की वैधता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। निर्माण कार्य राइट्स (RITES) के माध्यम से ठेका एजेंसी बालाजी द्वारा किए जाने की जानकारी सामने आई है। स्थानीय स्तर पर सामने आ रही शिकायतों और चर्चाओं के अनुसार, दीपका नगर क्षेत्र में एजेंसी द्वारा संचालित बेस कैंप की भूमि और वहां की व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित विभागों से स्थिति स्पष्ट किए जाने की मांग की जा रही है।
बताया जा रहा है कि ठेका एजेंसी का कैंप नगर पालिका परिषद दीपका के वार्ड क्रमांक-1 में तहसील कार्यालय के पीछे स्थित क्षेत्र में संचालित है। कुछ स्थानीय लोगों का दावा है कि कैंप के लिए सरकारी अथवा वन भूमि के उपयोग की अनुमति से संबंधित स्थिति स्पष्ट नहीं है। वहीं एजेंसी से जुड़े लोगों की ओर से अनुमति लिए जाने तथा निर्धारित राशि किराये के रूप में दिए जाने की बात कही जा रही है। ऐसे में यह महत्वपूर्ण हो जाता है कि संबंधित भूमि का स्वामित्व किस विभाग के पास है और कैंप संचालन के लिए किस सक्षम प्राधिकारी से अनुमति प्राप्त की गई है।

कैंप में बिजली कनेक्शन और उसके भुगतान को लेकर भी जानकारी सामने आने की जरूरत बताई जा रही है। यदि कैंप लंबे समय से संचालित है तो बिजली कनेक्शन किस नाम से है, उसका बिल किसके द्वारा जमा किया जा रहा है और भूमि उपयोग से संबंधित दस्तावेज क्या हैं, इन बिंदुओं पर संबंधित विभागों से आधिकारिक जानकारी सामने आना आवश्यक है।
दीपका ओवरब्रिज निर्माण कार्य पहले भी स्थानीय स्तर पर चर्चा में रहा है। निर्माण की गुणवत्ता, कार्य की गति और निर्धारित मापदंडों को लेकर समय-समय पर स्थानीय नागरिकों तथा जनप्रतिनिधियों द्वारा सवाल उठाए जाने की बात कही गई है। निर्माण कार्य से संबंधित एक मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन होने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, न्यायालय में लंबित मामले के संबंध में अंतिम स्थिति न्यायालय के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।
पूरे मामले में एसईसीएल के संबंधित क्षेत्रीय अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। विशेष रूप से पूर्व में पदस्थ कुछ अधिकारियों के कार्यकाल और ठेका एजेंसी से संबंधित निर्णयों की जांच की मांग की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। इसलिए संबंधित दस्तावेज, स्वीकृतियां, अनुबंध की शर्तें और विभागीय रिकॉर्ड सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
स्थानीय स्तर पर मांग उठ रही है कि दीपका ओवरब्रिज निर्माण से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष विभागीय जांच कराई जाए। इसमें निर्माण एजेंसी के कैंप के लिए भूमि आवंटन अथवा अनुमति, बिजली कनेक्शन, भुगतान, ठेका शर्तों के पालन तथा निर्माण कार्य से संबंधित दस्तावेजों की जांच शामिल हो। संबंधित विभाग यदि आधिकारिक रूप से स्थिति स्पष्ट करते हैं तो इससे उठ रहे सवालों का तथ्यात्मक निराकरण हो सकेगा और दीपका ओवरब्रिज निर्माण को लेकर चल रही चर्चाओं की वास्तविक स्थिति सामने आएगी।


